एक ओर सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीबों को पक्का घर देकर उनके सिर पर छत देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ भ्रष्ट अधिकारी उन्हीं सपनों की कीमत वसूलने में लगे हैं. बालोतरा जिले के धोरीमन्ना में ऐसा ही एक मामला सामने आया है. बालोतरा जिले के धोरीमन्ना पंचायत समिति के जुनाखेड़ा ग्राम विकास अधिकारी सपना गुर्जर को बाड़मेर एसीबी ने 4500 रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. अधिकारी सपना गुर्जर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकान की 60 हजार रुपये की तीसरी किस्त जारी करने के लिए आवश्यक जियो-टैगिंग और ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा था जिसके बाद एसीबी ने उसे ट्रैप किया.
निजी आवास पर रिश्वत लेते पकड़ा
परिवादी ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पत्नी के नाम स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास की अंतिम किस्त जारी करने के बदले ग्राम विकास अधिकारी 5,000 रुपये की मांग कर रही है. शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत की मांग सही पाई गई. इसके बाद टीम ने जाल बिछाया.
एसीबी निरीक्षक देवाराम चौधरी के अनुसार, ट्रैप कार्रवाई के दौरान ग्राम विकास अधिकारी सपना गुर्जर को उसके निजी आवास पर 4,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया. कार्रवाई पूरी होते ही एसीबी टीम आरोपी को धोरीमन्ना थाने लेकर पहुंची, जहां उससे पूछताछ की गई.
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब यह जांच की जा रही है कि क्या प्रधानमंत्री आवास योजना में अन्य लाभार्थियों से भी इसी तरह रिश्वत ली गई थी या नहीं. अधिकारियों के अनुसार धोरीमन्ना की यह कार्रवाई केवल एक ट्रैप नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए सख्त संदेश है जो सरकारी योजनाओं को कमाई का जरिया समझ बैठे हैं.
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