राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को 50 प्रतिशत से अधिक टिकट ‘जेन-जी' या युवा उम्मीदवारों को देनी चाहिए. गहलोत ने यहां स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर हुई पार्टी की बैठक में हिस्सा लिया. बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा की गई.
"नई पीढ़ी आगे आ रही है"
उन्होंने बैठक के बाद कहा कि उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह योग्यता और जमीनी स्तर से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर होना चाहिए, न कि किसी की सिफारिश पर. गहलोत ने कहा, "मैंने कहा है कि 50% से ज्यादा टिकट ‘जेन-जी' को युवाओं को दें. क्योंकि ‘जेन-जी' आने के बाद पूरे देश में एक जमाना बदल रहा है, नई पीढ़ी आगे आ रही है."
"वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ लेना चाहिए"
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ लिया जाना चाहिए, और उन्हें साथ रखा जाना चाहिए, लेकिन युवा पीढ़ी के महत्व से इनकार नहीं किया जा सकता. गहलोत ने कहा कि युवाओं को मौका मिलने पर पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण भी दिखाना होगा. पूर्व मुख्यमंत्री ने जंतर-मंतर पर ‘जेन-जी' के हालिया आंदोलन और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं से पीढ़ीगत बदलाव का संकेत मिलता है.
"सिफारिश पर टिकट नहीं दिया जाना चाहिए"
गहलोत ने टिकट वितरण को लेकर कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा भेजे गए पर्यवेक्षकों को स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर योग्यता के आधार पर उम्मीदवार चुनने का अधिकार दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "सिफारिश पर एक भी टिकट नहीं दिया जाना चाहिए. टिकट सच्चे कार्यकर्ता को ही मिलना चाहिए."
"बीजेपी सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी"
गहलोत ने कहा कि उम्मीदवारों के चयन में उनकी सिफारिश का भी असर नहीं होना चाहिए, क्योंकि वरिष्ठ नेताओं को स्थानीय परिस्थितियों की पूरी जानकारी नहीं होती. पूर्व मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि कांग्रेस स्थानीय निकाय चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी. उन्होंने दावा किया कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी है.
"कांग्रेस की योजनाओं को सरकार ने बंद कर दिया"
गहलोत ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने शहरी विकास की अनदेखी की और पिछली कांग्रेस सरकार की कई योजनाओं को बंद या कमजोर कर दिया. उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने करीब 12 लाख भूखंडों के पट्टे बांटे थे, और मनरेगा की तर्ज पर शहरी रोजगार गारंटी योजना शुरू की थी.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा बीजेपी सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण वाली कई विकास परियोजनाओं को रोक दिया. उन्होंने कहा कि शहरों और विकास प्राधिकरणों के दायरे में तेजी से शामिल हो रहे क्षेत्रों के विकास पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए.
गहलोत ने कहा कि बैठक में टिकटों के उचित वितरण पर चर्चा हुई और पार्टी के विधायकों, सांसदों, जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों और जमीनी कार्यकर्ताओं से चुनाव में मिलकर काम करने की अपील की गई. बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.
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