विज्ञापन

10वीं पास संतोष देवी कमा रहीं 40 लाख रुपए, सेब-बादाम उगाकर बनीं बागवानी की वैज्ञानिक

संतोष देवी महज 10वीं पास हैं, लेकिन बागवानी में उनके प्रयोगों ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है. सेब, बादाम, अनार और किन्नू के पौधों से जुड़ा उनका व्यवसाय आज सालाना 40 लाख रुपए की आय दे रहा है. राजस्थान की प्रगतिशील महिला किसान की सक्‍सेस स्‍टोरी.

10वीं पास संतोष देवी कमा रहीं 40 लाख रुपए,  सेब-बादाम उगाकर बनीं बागवानी की वैज्ञानिक
संतोष देवी राजस्‍थान के गांव बेरी में शेखावाटी कृषि फार्म एवं उद्यान नर्सरी संचालित करती हैं.
  • संतोष देवी ने राजस्थान के बेरी गांव में 5 बीघा जमीन पर अनार, सेब, बादाम और किन्नू की वैज्ञानिक बागवानी की है
  • वर्ष 2011 में पौधे बेचकर 3 लाख रुपए कमाए थे, जो 2026 तक बढ़कर 40 लाख रुपए सालाना हो गए हैं
  • वे बेर और जामुन की नई किस्मों पर रिसर्च कर रही हैं, जिसमें फल कम और गुणवत्ता बेहतर होगी

Santosh Sevi Success Story: ये हैं संतोष देवी. महज 10वीं तक पढ़ी-लिखी हैं. लोग इन्हें बागवानी की वैज्ञानिक कहकर बुलाते हैं. वजह यह है कि संतोष देवी ने राजस्थान की धरती पर अनार, सेब, बादाम आदि उगाकर न केवल कमाल कर दिखाया, बल्कि शानदार कमाई भी कर रही हैं. उनकी सालाना आय 40 लाख रुपए है. अनार की खेती से शुरू हुआ स‍िलस‍िला अब बादाम की खेती तक पहुंच गया है.

NDTV से खास बातचीत में संतोष देवी ने बताया कि वे राजस्थान में सीकर-झुंझुनूं रोड पर स्थित गांव बेरी में शेखावाटी कृषि फार्म एवं उद्यान नर्सरी संचालित करती हैं. यहां 5 बीघा जमीन पर विभिन्न पौधों के माध्यम से सेब, बादाम, अनार और किन्नू के पौधे तैयार किए जाते हैं. वर्ष 2011 में पौधे बेचकर उन्हें 3 लाख रुपए की आय हुई थी, जो बढ़कर वर्ष 2026 में 40 लाख रुपए सालाना तक पहुंच गई है.

यहां देखें वीड‍ियो

बेर और जामुन की नई किस्मों पर कर रही हैं रिसर्च

संतोष देवी का कहना है कि वे बेर और जामुन पर भी रिसर्च कर रही हैं. यदि सब कुछ उम्मीद के मुताबिक रहा तो वे बेर और जामुन की ऐसी किस्म विकसित करेंगी, जिसमें एक किलोग्राम में केवल 10-10 बेर या जामुन ही होंगे. इस दिशा में वे लगातार मेहनत कर रही हैं और जल्द ही उम्मीद के अनुरूप परिणाम मिलने की संभावना जता रही हैं. 

santosh devi success story beri sikar rajasthan Anar ki kheti

संतोष देवी ने बागवानी की शुरुआत साल 2011 में अनार की खेती से की थी. 

शादी के बाद शुरू की बागवानी, अब बनीं मिसाल

50 वर्षीय संतोष देवी मूल रूप से झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ के पास स्थित गांव कोलासिया की रहने वाली हैं. शादी के बाद वे बेरी गांव आईं और यहां अपनी जमीन पर बागवानी शुरू की. वर्ष 2011 में उन्होंने सबसे पहले अनार के पौधे लगाए थे, जो उस समय तीन-तीन साल पुराने थे. समय के साथ पौधे बड़े होते गए और उनका काम भी बढ़ता गया. उन्होंने अनार के बगीचे के बीच मौसमी और किन्नू के पौधे भी लगाए. इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाले सेब और बादाम की खेती का प्रयोग भी शुरू किया, जो सफल रहा. 

santosh devi success story beri sikar rajasthan badam ki kheti

बिना रासायनिक खाद के उगाए बादाम

संतोष देवी ने बताया कि उनके खेत में बादाम के पांच पौधे हैं. यहां तैयार किए गए बादाम के पौधों पर फल भी आए हैं, जिन्हें स्थानीय किसानों और कृषि विभाग के विशेषज्ञों की टीम ने चखकर देखा है. उन्होंने बताया कि बादाम की खेती में किसी भी प्रकार की रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं किया गया. खेत में सरसों की खल और गोबर से तैयार जैविक खाद का उपयोग किया गया है. 

कई सम्मान और पुरस्कारों से हो चुकी हैं सम्मानित

संतोष देवी सीकर जिले की प्रगतिशील महिला किसान हैं. उन्हें वर्ष 2013 में 25 लाख रुपए का पुरस्कार, वर्ष 2016 में 1 लाख रुपए का पुरस्कार तथा वर्ष 2018 में उदयपुर यूनिवर्सिटी की ओर से कृषि वैज्ञानिक की उपाधि प्रदान की जा चुकी है. संतोष देवी बताती हैं कि उनकी 40 लाख रुपए की सालाना आय में से करीब 10 लाख रुपए मजदूरी और अन्य खर्चों पर खर्च हो जाते हैं. इसके बाद लगभग 30 लाख रुपए की शुद्ध बचत होती है. 

यह भी पढ़ें- कभी जैविक खेती का लोग उड़ाते थे मजाक, अब 21 साल की उम्र में कमाती हैं लाखों, कहानी किसान बिटिया की 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Success Story, Rajasthan News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com