- यूपी में विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेज होने लगी है.
- हाईवे के निर्माण के लिए मिर्जापुर के 36 गांवों के किसानों 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा.
- यह एक्सप्रेसवे यूपी के चार बड़े राज्य बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से कनेक्ट कर देगा.
प्रयागराज से सोनभद्र का 6.5 घंटे का सफर अब महज 3.5 घंटे में पूरा होने वाला है. क्योंकि विंध्य एक्सप्रेसवे न केवल दोनों शहरों के बीच की दूरी को घटाएगा, बल्कि यह 6 बड़े शहरों को भी आपस में कनेक्ट कर देगा. राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट को पहले ही मंजूरी दे दी थी. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की तरफ से इसका निर्माण किया जाएगा. जहां 333 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें किसानों को 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा. यह 6-लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कॉरिडोर है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक करने की योजना है. 26 हजार 315 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल यूपी की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा साथ ही यूपी को चार बड़े राज्यों से भी कनेक्ट करेगा.
प्रयागराज से सोनभद्र का सफर 3 घंटे में पूरा होगा
प्रयागराज से सोनभद्र जाने में अभी 6.5 घंटे का समय लगता है. लेकिन दोनों शहरों के बीच नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनने से यह दूरी कम हो जाएगी. गंगा एक्सप्रेसवे आखिरी हिस्से में प्रयागराज के सोरांव गांव से यह बनाया जाएगा, जो मिर्जापुर, वाराणसी, भदोही और चंदौली से होते हुए सोनभद्र तक जाएगा. जो बिल्कुल एक सीधा रूट होगा. यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड रहेगा, ऐसे में इस पर गाड़ियां 100 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकेंगे. ऐसे में यात्रियों को न केवल आने जाने में समय की बचत होगी, साथ ही दूरी भी कम हो जाएगी.
विंध्य एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होंगे यह शहर
- प्रयागराज
- भदोही
- मिर्जापुर
- वाराणसी
- चंदौली
- सोनभद्र

इसके अलावा हाल ही में योगी सरकार ने इस प्रोजेक्ट के साथ ही विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी है, जो 117 किलोमीटर रहेगा. यह विंध्य एक्सप्रेसवे को गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के अंतिम छोर से जोड़ देगा. ऐसे में गोरखपुर, आजमगढ़ और मऊ जैसे शहर भी इस महा कॉरिडोर का हिस्सा बन जाएंगे.
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे समेत 3 बड़े हाईवे से जुड़ेगा
विंध्य एक्सप्रेसवे तीन बड़े 3 बड़े हाईवे से भी कनेक्ट होगा. यह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. इससे यूपी चार बड़े राज्य बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश तक कनेक्ट होगा. इस एक्सप्रेसवे के गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होने की वजह से मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी और शहडोल से दिल्ली-एनसीआर तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा. रीवा, सतना से होते हुए दिल्ली तक जाने का सफर से 8 से 9 घंटे में पूरा हो जाएगा.
किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा
विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके लिए 340 गांवों की लगभग 4600 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण होना है. जिसमें प्रयागराज में ये गंगा एक्सप्रेसवे का पहला प्वाइंट बनेगा. जबकि विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे मिर्जापुर समेत चार जिलों के 135 गांवों से गुजरेगा. इसके लिए चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी और मिर्जापुर में 2800 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण होना है. खास बात यह है कि ताजा अपडेट के मुताबिक किसानों को 4 गुना तक मुआवजा मिलेगा. मिर्जापुर जिले में 36 गांवों की जमीन अधिग्रहण होनी है, जिसमें हाल ही में यह प्रस्ताव राज्य सरकार की तरफ से पेश हुआ है. किसानों ने भी इस पर सहमति जता दी है. इसके अलावा UPEIDA ने एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरी भी शुरू कर दी है. इसे 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है.
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