- जयपुर में विदेशी फंडिंग के कथित दुरुपयोग के मामले में छापेमारी हुई है.
- पादरी रवि मोहन पहाड़िया को करीब दो करोड़ से अधिक विदेशी रकम मिली थी.
- विदेश से मिला पैसा SC-वाल्मीकि और भील समुदायों के धर्म परिवर्तन कराने के लिए इस्तेमाल हुआ.
जयपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी फंडिंग के कथित दुरुपयोग के मामले में शुक्रवार (21 अगस्त) को दो ठिकानों पर छापेमारी की है. ED की जयपुर जोनल ऑफिस की टीम ने 21 अगस्त को FEMA यानी फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के तहत यह कार्रवाई की. एजेंसी के मुताबिक, मामला 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी रकम हासिल करने और उसे कथित तौर पर घोषित उद्देश्य से अलग इस्तेमाल करने से जुड़ा है. यह कार्रवाई पादरी रवि मोहन पहाड़िया से जुड़ी जांच के आधार पर की गई है.
Hope Ministry से जुड़े हैं पादरी रवि
एजेंसी के मुताबिक, रवि मोहन पहाड़िया एक प्रोटेस्टेंट मिशनरी हैं और Hope Ministry से जुड़े हुए हैं. ED को इनपुट मिला था कि उन्हें अमेरिका से करीब 2.20 करोड़ रुपये की विदेशी रकम मिली, जिसका कथित तौर पर इस्तेमाल जयपुर में SC-वॉल्मीकि और आदिवासी बहुल दक्षिण राजस्थान में SC-वाल्मीकि/ST-भील समुदायों के बीच धर्म बदलने और धर्म बदलने के कामों के लिए लिया जा रहा है.
अमेरिका के थॉमस ई. लिंच ने दिया फंड
एजेंसी का आरोप है कि इस रकम को बिजनेस और मैनेजमेंट कंसल्टेंसी, पब्लिक रिलेशंस सर्विस और परिवार के रखरखाव तथा सेविंग्स के नाम पर दिखाया गया. ED के मुताबिक, इस रकम का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका में रहने वाले डोनर थॉमस ई. लिंच से आया था. एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि विदेश से आई इस रकम का वास्तविक इस्तेमाल किस काम के लिए किया गया.
कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त
छापेमारी के दौरान ED ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं. एजेंसी के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि रवि मोहन पहाड़िया को करीब 2.88 करोड़ रुपये की विदेशी रकम डोनेशन के तौर पर मिली, जबकि उनके पास इसके लिए जरूरी FCRA अनुमति नहीं थी. ED का आरोप है कि विदेशी रकम हासिल करते समय उसके उद्देश्य को गलत तरीके से बताया गया और बाद में इस पैसे का इस्तेमाल निजी खर्चों, विदेश यात्राओं और अपने नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने में किया गया.
ED अब इन गतिविधियों के पीछे विदेशी फंडिंग के इस्तेमाल और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. फिलहाल ED की जांच जारी है. एजेंसी जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस की जांच के साथ-साथ विदेशी फंडिंग के स्रोत, रकम के इस्तेमाल और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगा रही है.
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