- राजस्थान की प्रियंका सिहाग ने तीन बार आरएएस परीक्षा पास कर एसडीएम बनने का सपना पूरा किया है
- आरएएस परीक्षा में प्रदेश में 599वीं रैंक हासिल करने के बाद भी प्रियंका ने हार नहीं मानी और तैयारी जारी रखी
- दूसरे प्रयास में आरएएस 2023 में 265वीं रैंक लेकर ACTO जीएसटी पद पर चयनित हुईं और इसी दौरान उनकी शादी भी हुई
Priyanka Sihag RAS Success Story: राजस्थान के किसान की बेटी प्रियंका सिहाग अब उपखंड अधिकारी (एसडीएम) बन गई हैं. छोटे से गांव में पली-बढ़ी प्रियंका ने एसडीएम बनने का सपना पूरा करने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा लगातार तीन बार क्रैक की है. अब राजस्थान सरकार द्वारा सेवा आवंटन में प्रियंका सिहाग को राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) का अधिकारी बनाया गया है. वह जल्द ही जयपुर स्थित सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थान ओटिएस में प्रशिक्षण के लिए जाएंगी.

Priyanka Sihag RAS Success Story Rajasthan SDM
एनडीटीवी से खास बातचीत में प्रियंका सिहाग ने बताया कि वे मूल रूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की रावतसर तहसील के गांव बरमसर की रहने वाली हैं. प्रियंका के दादा का नाम धनराज सिहाग है. धनराज के तीन भाइयों का परिवार अभी भी संयुक्त रूप से एक साथ रहता है. उनके नौ बेटों के 14 बेटे व 8 बेटियां हैं. प्रियंका सबसे बड़ी बेटी हैं. उनके पिता पुरुषोत्तम सिहाग किसान हैं और गांव में ही खेती करते हैं. मां उर्मिला देवी गृहिणी हैं. प्रियंका चार बहनों में सबसे बड़ी हैं. माता-पिता ने प्रियंका और उनके भाई-बहनों की पढ़ाई के रास्ते में कभी कोई रुकावट नहीं आने दी. नतीजा यह हुआ कि आज उनकी बेटी SDM बन गई है, जो परिवार के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है.
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21 साल की उम्र में दिया पहला RAS एग्जाम
प्रियंका सिहाग ने स्कूली शिक्षा पड़ोसी गांव पूरबसर के सरस्वती स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद पल्लू (हनुमानगढ़) के एमडी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की. कॉलेज के द्वितीय वर्ष के दौरान ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी. राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित आरएएस-2021 परीक्षा में उन्होंने महज 21 वर्ष की उम्र में पहली बार भाग लिया और पूरे प्रदेश में 599वीं रैंक हासिल की. हालांकि, वह एक अंक से सेवा आवंटन से चूक गई थीं. इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तैयारी जारी रखी.
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दूसरे प्रयास में बनीं ACTO, पति तहसीलदार
प्रियंका ने RAS-2023 परीक्षा में 265वीं रैंक हासिल की और एसीटीओ जीएसटी पद पर चयनित हुईं. यह उनका दूसरा प्रयास था. इसी दौरान उनकी शादी हो गई. उनके पति दिलीप कुमार भांभू राजस्थान तहसील सेवा, 2018 बैच के अधिकारी हैं. वे मूल रूप से बीकानेर जिले के खाजूवाला के रहने वाले हैं और वर्तमान में तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं. प्रियंका के ससुर आसाराम भांभू सरकारी शिक्षक हैं. प्रियंका ने बताया कि RAS-2024 की तैयारी के दौरान उन्हें अपने पति और ससुर का पूरा सहयोग मिला.
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तीसरे प्रयास में मिली SDM की सफलता
शादी के बाद प्रियंका ने RAS-2024 परीक्षा दी. यह उनका तीसरा प्रयास था. इस बार उन्होंने पूरे राजस्थान में 40वीं रैंक हासिल की. इसके बाद 29 सितंबर 2026 को हुए सेवा आवंटन में उन्हें SDM पद मिला. प्रियंका के SDM बनने पर मायके और ससुराल, दोनों जगह खुशी का माहौल है. RAS के अलावा प्रियंका को वर्ष 2021 में राजस्थान उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में भी सफलता मिली थी.
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लॉकडाउन में देखा VIDEO, वहीं से मिली अफसर बनने की प्रेरणा
प्रियंका ने बताया कि जब कोविड-19 महामारी के दौरान लॉकडाउन लगा. इस आपदा को उन्होंने अवसर में बदला. तब वे कॉलेज के द्वितीय वर्ष में थीं. उस समय मोबाइल का इस्तेमाल बढ़ गया था. इसी दौरान उन्होंने एक वीडियो देखा, जिसमें RPS और UPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाएं पास कर अधिकारी बनने के बारे में बताया गया था. वीडियो देखकर वे प्रेरित हुईं और उनके ताऊजी श्योपत सिहाग ने RAS की तैयारी के लिए ऑनलाइन किताबें मंगवाकर दीं. उन्होंने किताबों के साथ-साथ यूट्यूब की मदद से भी तैयारी की. इसके अलावा टेलीग्राम पर RAS की तैयारी कराने वाले कई समूहों से जुड़कर नियमित अध्ययन किया. उन्होंने किसी भी प्रकार की ऑफलाइन कोचिंग नहीं की और स्वयं अध्ययन के दम पर यह मुकाम हासिल किया.
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