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सोने-चांदी पर टैक्‍स को लेकर बड़ा अपडेट, खत्‍म हो सकती है GST छूट, बैंकों को भी राहत नहीं, जानिए कहां क्‍या असर होगा

GST on Gold-Silver Import: साल 2017 में सोने-चांदी पर टैक्‍स को लेकर ये छूट दी गई थी. अब GST काउंसिल में इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है कि ये टैक्‍स छूट खत्‍म की जाए. इसका किन पर असर होगा, यहां जानिए विस्‍तार से.

सोने-चांदी पर टैक्‍स को लेकर बड़ा अपडेट, खत्‍म हो सकती है GST छूट, बैंकों को भी राहत नहीं, जानिए कहां क्‍या असर होगा
सोने-चांदी पर मिलने वाली GST छूट खत्‍म हो सकती है!
Source: NDTV Graphics/Canva

सोने-चांदी पर टैक्‍स को लेकर बड़ा अपडेट, खत्‍म हो सकती है GST छूट, जानिए कहां क्‍या असर होगा


सोने-चांदी पर टैक्‍स को लेकर बड़ा अपडेट, खत्‍म हो सकती है GST छूट, बैंकों को भी राहत नहीं, जानिए कहां क्‍या असर होगा


सोने-चांदी पर मिलने वाली टैक्‍स छूट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. विदेशों से गोल्‍ड, सिल्‍वर और प्‍लैटिनम का आयात करने वाली नॉमिनेटेड एजेंसियों को मिलने वाली GST छूट खत्‍म की जा सकती है. सोना-चांदी या प्लैटिनम आयात करने वाले बैंकों के लिए भी टैक्‍स छूट की ये राहत खत्‍म हो सकती है. समाचार एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है. इसने बताया है कि GST काउंसिल बैंकों और खास एजेंसियों को सोना, चांदी और प्लेटिनम के इंपोर्ट पर मिलने वाली इंटीग्रेटेड GST छूट (IGST Relief) खत्म करने के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है. बता दें कि 7 अक्‍टूबर को GST काउंसिल की मीटिंग होने वाली है. 

बैंकों और एजेंसियों को अभी नहीं देना पड़ता है 3% IGST

अभी, सोना, चांदी और प्लेटिनम के इंपोर्ट पर 3% IGST लगता है. हालांकि, जब बैंक और सरकार की ओर से समय-समय पर लिस्ट की गई खास एजेंसियां ​​इन कीमती धातुओं का इंपोर्ट करती हैं, तो इस टैक्स से छूट मिलती है. सूत्रों ने बताया कि 7 अक्टूबर को GST काउंसिल, जिसमें केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं, बैंकों और खास एजेंसियों को 2017 में दी गई टैक्स छूट को वापस लेने पर विचार करेगी.

साल 2017 में क्‍यों दी गई थी GST की छूट और अब क्‍यों खत्‍म होगी? 

बताया गया कि सोने-चांदी और प्‍लैटिनम के ऐसे इंपोर्ट पर GST की छूट 2017 में इसलिए दी गई थी ताकि उस समय सख्ती से नियंत्रित व्यापार को आसान बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि छूट वापस लेने के बाद, बुलियन एक्सचेंज और ये एजेंसियां ​​टैक्स के मामले में एक ही स्तर पर आ जाएंगी.

सोना, चांदी और कीमती धातुओं का इंपोर्ट सरकार के लिए चिंता का विषय रहा है, क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा बाहर जाती है और भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ता है. चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है. सोने का इंपोर्ट मुख्य रूप से ज्वैलरी इंडस्ट्री की मांग के कारण होता है.

गैर-जरूरी इंपोर्ट को कम करने के लिए, मई में सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% और प्लेटिनम पर 6.4% से बढ़ाकर 15.4% कर दी थी. 

ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद इंपोर्ट बिल बढ़ने से रुपये पर दबाव के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोना न खरीदने की अपील की थी. अप्रैल-अगस्त 2026-27 में सोने का इंपोर्ट 3.38% बढ़कर 17.47 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि चांदी का इंपोर्ट 8.81% घटकर 1.74 बिलियन डॉलर रह गया.

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