दौसा में सदर थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा ली. रमेश बैरवा की हत्या कोई और नहीं, बल्कि उसके पति और बेटे ने की थी. पुलिस आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया, और 13 साल के बेटे को निरुद्ध किया है. पूछताछ में उसने बताया कि उसका पति उसके चरित्र पर शक करता था, इस बात को लेकर घर में विवाद होता था, इसलिए उसे मार डाला.
पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के निर्देश में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल और सीओ धर्मेन्द्र कुमार शर्मा के सुपरविजन में थानाधिकारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई. जांच के बाद सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया.
27 जून को मिली थी लाश
पुलिस के अनुसार, 27 जून की शाम करीब 7 बजे सूचना मिली कि चावण्ड रोड पर एक व्यक्ति का शव पड़ा है. मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पहचान रमेश बैरवा (40) के रूप में की. वह खवारावजी, हाल निवासी चावण्ड का रहने वाला था. शव के पास खून से सना पत्थर और टूटी कांच की बोतलें मिलीं. फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए, और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया.
पिता ने हत्या का मुकदमा कराया
अगले दिन मृतक के पिता मोहनलाल बैरवा की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू किया गया. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले सुरागों और पूछताछ के आधार पर मृतक की पत्नी ममता बैरवा को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही वारदात में शामिल उसके 13 साल के बेटे को भी निरुद्ध किया गया.
पत्नी के चरित्र पर करता था शक
पुलिस जांच में सामने आया कि रमेश अपनी पत्नी ममता के चरित्र पर शक करता था. इस बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे. घरेलू कलह से परेशान ममता ने बेटे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची. घटना के दिन रमेश शराब के नशे में था. इसी दौरान आरोपियों ने उसके सिर पर पत्थरों से कई वार कर बेरहमी से कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
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