Rajasthan News: राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिजेंस) शाखा ने देश की सुरक्षा को निशाना बनाने वाले एक बेहद खतरनाक नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है. इस बड़ी कार्रवाई में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए भारत में फंडिंग का काम संभालने वाले एक एजेंट को गिरफ्तार किया गया है. यह नेटवर्क देश के भीतर जासूसी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटाने का काम कर रहा था.
कैसे खुला राज और क्या है मामला
इस ऑपरेशन की जड़ें जनवरी 2026 में हुए एक खुलासे से जुड़ी हैं. उस समय पुलिस ने जैसलमेर के झबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर कार्यरत एमटीएस सुमित कुमार को सेना की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया था. जब जांच की आंच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाला सच सामने आया कि जासूसों को पैसा महाराष्ट्र के औरंगाबाद से भेजा जा रहा था.
चार साल से सक्रिय था आरोपी
सीआईडी ने कड़ी मशक्कत के बाद औरंगाबाद निवासी 41 वर्षीय रफीक चांद शेख को पकड़ा. पूछताछ में पता चला है कि रफीक पिछले चार वर्षों से सीधे आईएसआई के हैंडलरों के संपर्क में था. यह शातिर नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए अपना जाल बिछाता था. आरोपी ने अपने और अपने साथियों के नाम पर कई बैंक खाते खुलवा रखे थे. इन्हीं खातों के जरिए वह जासूसों तक धन पहुंचाता था ताकि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा सके.
सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर
सीआईडी इंटेलिजेंस राजस्थान ने 30 जून 2026 को रफीक को गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान पुलिस देश विरोधी ताकतों के खिलाफ कितनी मुस्तैदी से काम कर रही है. फिलहाल पुलिस टीम इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है. सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी गहन जांच कर रही हैं कि अब तक कितनी बड़ी धनराशि इस चैनल के माध्यम से भेजी गई है.
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