साइबर ठग अब लोगों का भरोसा जीतने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं. ताजा मामला राजस्थान के अजमेर जिले का है, जहां नगर निकाय के रिटायर्ड पूर्व कमिश्नर नारायण लाल मीणा को निशाना बनाकर ठगी की कोशिश की गई. ठगों ने पहले खुद को सरकारी स्कूल का शिक्षक बताकर टाइल्स का ऑर्डर दिया और फिर फर्जी ऑनलाइन भुगतान का मैसेज भेजकर रकम वापस ट्रांसफर करने का दबाव बनाया. बाद में ठगों ने पुलिस अफसर बनकर भी दबाव बनाने की कोशिश की.
75 रुपये ट्रांसफर का भेजा मैसेज
नारायण लाल मीणा ने बताया कि उनके टाइल्स और सेनेट्री शोरूम पर कॉल कर 15 पेटी टाइल्स का ऑर्डर दिया गया. कुछ देर बाद एक रुपये और फिर 75 हजार रुपये ट्रांसफर होने का फर्जी मैसेज भेजा गया. इसके बाद ठग ने कहा कि गलती से ज्यादा रकम भेज दी गई है, इसलिए 7,500 रुपये काटकर बाकी पैसे तुरंत वापस भेज दें.
थाना प्रभारी बनकर पूर्व कमिश्नर को धमकाया
जब मीणा ने बैंक खाते में भुगतान की पुष्टि किए बिना रकम लौटाने से इनकार किया, तो ठग ने नया दांव खेला. उसने पुलिस अधिकारी की प्रोफाइल फोटो लगाकर खुद को थाना प्रभारी बताते हुए फोन किया और दबाव बनाने की कोशिश की.

हालांकि अजमेर में संबंधित नाम का थाना नहीं होने और बैंक खाते में कोई राशि जमा नहीं दिखने पर उन्हें पूरा मामला संदिग्ध लगा. मीणा ने ठग की धमकियों में आने के बजाय उसे खरी-खोटी सुनाई और तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. उनकी सतर्कता से ठग अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके.
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