जयपुर में पुलिस ने एक बुजुर्ग के अपहरण के मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि महिला ने फिरौती के लिए बुजुर्ग का अपहरण करवाया था और इसके लिए उसने बाउंसरों को सुपारी दी थी. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद 24 घंटे के अंदर ही अपहृत व्यक्ति को आरोपियों के कब्जे से सुरक्षित छुड़ा लिया. साथ ही, आरोपियों के कब्जे से एक रिवॉल्वर, छह जिंदा कारतूस और दो खाली केस भी बरामद किए.
स्कॉर्पियो में बिठा लिया
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरन ने बताया कि अपहृत व्यक्ति पोखरचंद खटीक चित्तौड़गढ़ की डूंगला तहसील के मंडफिया थाने के चिकारडा कस्बे का निवासी है. उसके बेटे ऋत्विज ने 16 अगस्त को भांकरोटा थाने में शिकायत दर्ज करवाई. उसने बताया कि उसके पिता 14 अगस्त को जयपुर में अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी की मरम्मत कराने के लिए जयसिंहपुरा स्थित एक गैरेज पर गए हुए थे. उसी दिन शाम को उसके पिता के मोबाइल से उसके पास फोन आया.
बेटे ने बताया कि वे जयसिंहपुरा में गाड़ी ठीक करवा रहे थे, तभी सुमन यादव नाम की महिला और उसके साथ 3-4 लोग बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो लेकर वहां पहुंचे. बदमाशों ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा लिया और अपने साथ ले गए.
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने पोखरचंद के मोबाइल से उनके बेटे को फोन करवाकर 40 लाख रुपये की व्यवस्था करने के लिए कहा. इसके बाद एक महिला ने भी ऋत्विज से फोन पर बात की और कथित तौर पर कहा कि यदि उसे अपने पिता को सुरक्षित देखना है तो 40 लाख रुपये लेकर जयपुर आए. महिला ने उसे होटल हाईवे किंग, अजमेर रोड के आसपास आने के लिए कहा और बताया कि आगे की लोकेशन फोन पर दी जाएगी.
CCTV से मिला सुराग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशान्त किरण आईपीएस और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश गुप्ता के सुपरविजन तथा सहायक पुलिस आयुक्त बगरू दीपक खंडेलवाल आरपीएस के निर्देशन में भांकरोटा थाना पुलिस की टीम गठित की गई.
थानाधिकारी भांकरोटा दीपक त्यागी पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सहायता, CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की. पुलिस को आरोपियों के करणी विहार थाना क्षेत्र में होने की जानकारी मिली.
इसके बाद पुलिस टीम मोहित कॉटेज, रजनी विहार, अजमेर रोड पहुंची. पुलिस के मुताबिक, यहां से अपहृत पोखरचंद खटीक को आरोपियों के कब्जे से दस्तयाब किया गया. मौके से सुमन यादव, विष्णु गुर्जर और मोनू गुर्जर को गिरफ्तार किया गया.
बाउंसरों को दी 50 हजार की सुपारी
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सुमन यादव की पोखरचंद खटीक से पहले से जान-पहचान थी. पुलिस का आरोप है कि सुमन ने पोखरचंद का अपहरण कर बड़ी रकम फिरौती के रूप में वसूलने की योजना बनाई.
पुलिस के मुताबिक, सुमन यादव ने कथित तौर पर बाउंसर विष्णु गुर्जर के माध्यम से अन्य बाउंसरों को 50 हजार रुपये की सुपारी दी. इसके बाद सुमन अपनी बिना नंबर की स्कॉर्पियो लेकर बाउंसरों के साथ खाटूश्याम सर्विस सेंटर पहुंची, जहां पोखरचंद अपनी गाड़ी ठीक करवा रहे थे.
आरोप है कि बाउंसरों की मदद से पोखरचंद को जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर अपहरण कर लिया गया. इसके बाद उनके मोबाइल की सिम निकाल दी गई और सुमन यादव ने अपने फोन का Wi-Fi पीड़ित के मोबाइल से कनेक्ट कर उसके बेटे ऋत्विज को WhatsApp कॉल के जरिए 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी.
CCTV से मिला सुराग
पुलिस के अनुसार, ऋत्विज को चित्तौड़गढ़ से जयपुर पहुंचने में समय लग रहा था. इस दौरान आरोपी अपहृत पोखरचंद को मुहाना, मानसरोवर, श्यामनगर और करणी विहार थाना क्षेत्रों में घुमाते रहे.
रात अधिक होने के बाद कथित तौर पर सुपारी पर बुलाए गए बाउंसरों ने वापस जाने की बात कही. इसके बाद आरोपी पोखरचंद को सुमन यादव के रजनी विहार स्थित मकान पर लेकर पहुंचे. पुलिस के अनुसार, विष्णु गुर्जर ने सुमन की स्कॉर्पियो से बाउंसरों को गुर्जर की थड़ी के पास छोड़ा.
पुलिस के अनुसार, अपहृत पोखरचंद को आरोपियों ने मकान पर रखा और उनके बेटे से लगातार WhatsApp कॉल के जरिए 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी. फिरौती की रकम मिलने में देरी होने पर कथित तौर पर पोखरचंद को रिवॉल्वर दिखाकर डराया-धमकाया गया और मारपीट की गई.
इसी दौरान ऋत्विज ने अपने पिता के अपहरण और 40 लाख रुपये की फिरौती मांगे जाने की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी. पुलिस ने तकनीकी इनपुट और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की और कार्रवाई करते हुए अपहृत व्यक्ति को बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
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