राजस्थान के डूंगरपुर जिले में स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर चलाए गए विशेष जांच अभियान में स्कूल वाहनों की लापरवाही और नियमों की अनदेखी सामने आई. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार सुबह वाहनों की चेकिंग के लिए अभियान चलाया. इसके तहत कलेक्टेरियट और कोर्ट समेत शहर की सड़कों पर स्कूल बस, जीप, ऑटो और अन्य वाहनों की जांच की गई. इस दौरान कई वाहनों में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं.
ऑटो में 11 बच्चे
जांच के दौरान स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक जीप पकड़ में आई जिसमें क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाया जा रहा था. सबसे बड़ी बात ये थी कि बस का परमिट एक्सपायर हो चुका था. वहीं कई स्कूल बसों में इमरजेंसी गेट ही नहीं मिले. कुछ बसों में गेट मौजूद थे, लेकिन वे खुलने की स्थिति में नहीं थे. टीम ने ड्राइवरों के लाइसेंस, वाहन परमिट और सुरक्षा मानकों की भी जांच की.
सबसे चौंकाने वाला मामला एक ऑटो में सामने आया. तीन सवारी बिठाने की क्षमता वाले ऑटो में 11 बच्चे ठूंसकर बिठाए गए थे. स्थिति यह थी कि ड्राइवर की सीट के आसपास भी बच्चे बैठे मिले. टीम ने मौके पर ही वाहन को रुकवाकर कार्रवाई की.

कई स्कूली वाहनों को जब्त किया गया
Photo Credit: NDTV
8 वाहन जब्त
जांच के दौरान बिना परमिट और ओवरलोड बच्चों को ले जाने वाले वाहनों को जब्त किया गया. कई वाहनों के चालान काटकर जुर्माना भी लगाया गया. जिला परिवहन अधिकारी मनीष माथुर ने बताया कि अभियान में 18 स्कूल और निजी वाहनों के चालान काटे गए, जबकि 8 ऑटो और जीप जब्त किए गए. इन वाहनों में बिना परमिट और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाया जा रहा था. कार्रवाई में कुल 98 हजार 200 रुपए का जुर्माना लगाया गया.
जांच दल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव किरण कुमार चौहान, डीटीओ मनीष माथुर, परिवहन निरीक्षक अभिषेक कुमार, ट्रैफिक इंचार्ज भैयालाल आंजना, भूपेंद्र कुमार सहित प्राधिकरण के नीलेश मोदी मौजूद रहे.
ये भी पढ़ें-: सरकारी स्कूल की अनोखी पहल, 90% से ज्यादा अंक लाने पर जयपुर से उड़ीं खाजूवाला की दो बेटियां
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं