पंजाब के संगरूर जिले में जीते जी अंतिम संस्कार करने का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. चीमा की अनाज मंडी में एक व्यक्ति ने खुद को आग लगाकर जान दे दी. मृतक की पहचान 58 वर्षीय नायब सिंह के रूप में हुई है, जो गुरुद्वारा चीमा साहिब (संत अतर सिंह जी की जन्मभूमि) के पास रहते थे.
धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति नायब सिंह
डीएसपी हरविंदर सिंह खैरा के मुताबिक, नायब सिंह धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे और गुरुद्वारा साहिब में निस्वार्थ सेवा करते थे. शहर की सेवा के लिए ही उन्होंने पेट्री गाड़ी (लोडिंग वाहन) रखी थी. बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले उन्होंने अपनी इसी गाड़ी में लकड़ी और अंतिम संस्कार में इस्तेमाल होने वाला सामान लोड किया था.
साइकिल पर सवार होकर निकले
सुबह करीब 4:15 बजे वह घर से साइकिल पर निकले. इसके बाद उन्होंने अपनी साइकिल चीमा बस स्टैंड के पास निहंग छावनी के पास खड़ी कर दी और वहां से अपनी पेट्री गाड़ी लेकर आगे बढ़ गए. करीब 4:30 से 4:45 बजे के बीच वह अनाज मंडी पहुंचे. करीब 4:50 बजे पुलिस को सूचना मिली कि मंडी में एक गाड़ी में आग लगी हुई है. जब पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, तब तक नायब सिंह की मौत हो चुकी थी. जांच के दौरान पुलिस को उनके घर से एक चिट्ठी भी मिली है, जिसमें उन्होंने खुद लिखा था कि वह अपने अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी, तेल, डीजल, पेट्रोल और घी लेकर जा रहे हैं. चिट्ठी में एक रिश्तेदार के साथ पैसों के लेन-देन का हिसाब भी दर्ज मिला है.
घर पर अकेले थे नायब सिंह
मृतक का शरीर काफी हद तक जल चुका है. पहचान के बाद उसे पोस्टमॉर्टम और डीएनए जांच के लिए सिविल अस्पताल सुनाम भेज दिया गया है. संगरूर डीएसपी हरविंदर सिंह खैरा के मुताबिक मामला सुसाइड का लग रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है. मृतक की पत्नी ने बताया कि वह पिछले 4-5 दिनों से अपनी बहन के घर गई हुई थी और नायब सिंह घर पर अकेले थे. परिवार के अनुसार कोई घरेलू विवाद या मानसिक परेशानी की जानकारी नहीं है. परिवार का इकलौता बेटा, जो पुणे में इंजीनियर है, उसके आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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