बॉर्डर जिलों में पुलिसकर्मियों को वर्दी पहन कर थाने आने-जाने से रोकने वाली अपनी ही एडवाइजरी को पंजाब पुलिस ने गलत करार दे दिया है. पंजाब पुलिस ने उस एडवाइजरी को गलत बताया है जिसमें पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के बाद वर्दी में बाहर न निकलने और सिविल कपड़ों में सफर करने की बात कही गई थी. पंजाब पुलिस के आधिकारिक हैंडल द्वारा स्पष्टीकरण जारी किया गया है.
पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर ने स्पष्ट किया है कि उनके या उनके अधीन किसी भी कार्यालय या विभाग द्वारा पुलिसकर्मियों के लिए ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है.
नेताओं ने इसपर क्या कहा?
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने ऐसे एडवायजरी को लेकर कहा कि पंजाब में जितने विपक्षी दल हैं सब झूठ बोल रहे हैं. पंजाब पुलिस ने कोई ऐसी एडवाइजरी जारी नहीं की है. पंजाब की विपक्षी पार्टियां बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस झूठ बोल रहे हैं. सारी पार्टियों द्वारा रोज मिलकर झूठा एजेंडा फैलाया जा रहा है ऐसे लोगों के खिलाफ एक्शन होना चाहिए.
शिरोमणि अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा है कि पंजाब पुलिस की एडवाइजरी बिल्कुल सही है और जो एडवाइजरी की चिट्ठी जारी की गई है उस पर पंजाब सरकार की एंट्री रजिस्टर के नंबर वगैरह भी सब ठीक लिखे गए हैं लेकिन फजीहत होने पर अब इस एडवाइजरी को उसी तरह वापिस लिया जा रहा है जिस तरह से पंजाब में थानों पर ग्रेनेड हमलों और धमाके होने की स्थिति में उसे टायर फटने की घटना बता दिया जाता है, वैसे ही इस एडवाइजरी पर भी यू-टर्न पंजाब पुलिस द्वारा लिया गया है.
इसके साथ ही बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि एक ऑडियो भी पंजाब पुलिस की एक महिला अधिकारी की वायरल हो रही है जिसमें वो पुलिसकर्मियों को इस एडवाइजरी के मुताबिक यूनिफार्म पहन कर थानों से बाहर ना निकलने और ड्यूटी ऑफ होने और ड्यूटी पर आने के दौरान भी यूनिफॉर्म ना पहनने की बात कर रही है उस ऑडियो क्लिप की भी फोरेंसिक जांच होनी चाहिए.
मजीठिया ने कहा कि पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है और ये पूरा मामला नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा हुआ है. ये एडवाइजरी की चिट्ठी एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के अगले ही दिन जारी की गई है लेकिन अब पंजाब पुलिस सरकार के दबाव में इस एडवाइजरी पर यू-टर्न ले रही है. पंजाब के डीजीपी और मुख्यमंत्री कैपेबल नहीं है कि वो पंजाब की कानून-व्यवस्था को संभाल सकें.
मजीठिया ने कहा कि एडवाइजरी पर डिस्पैच नम्बर लिखा हुआ है अगर लेटर फर्जी है तो इसकी किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच करानी चाहिए. 17 सितंबर को ASI हरजीत सिंह की हत्या हुई और अगले दिन ये एडवाइजरी जारी कर दी गई है. मेरे पास ये चिट्ठी पहले थी लेकिन मैंने आज ही इसे पोस्ट किया है. ये बहुत गंभीर मुद्दा है पंजाब में पुलिस को वर्दी पहनने से मना किया जा रहा है कल कहेंगे कि पुलिस घर से ना निकले या थाने से बाहर ना निकले.
पंजाब कांग्रेस ने इस मामले पर क्या कहा?
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का बयान भी पुलिस एडवाइजरी मामले में आया है. उन्होंने कहा कि एडवाइजरी सही है भी या नहीं ये अलग बात है लेकिन इस वक्त पंजाब की कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या है. पुलिस वालों की हत्याएं हो रही हैं और मैंने ये एडवाइजरी शेयर करके कोई पंजाब सरकार की तौहीन नहीं की है बल्कि ये बताया है कि इस वक्त पंजाब के हालात क्या है कि पुलिस वाले भी सुरक्षित नहीं है.
उन्होंने कहा, "पंजाब पुलिस एक मार्शल पुलिस हुआ करती थी लेकिन इस सरकार ने पंजाब पुलिस का क्या हाल कर दिया है वो सबके सामने है."
राजा वडिंग ने कहा कि अगर पंजाब सरकार का मानना है कि मैंने एक फर्जी दस्तावेज सोशल मीडिया पर शेयर किया है तो मेरे खिलाफ भले ही वो कार्यवाही कर लें लेकिन खुद पंजाब सरकार के मंत्री हरपाल चीमा पर कार्यवाही कब होगी. पंजाब में जब भी किसी पुलिस वाले की हत्या होती है तो एनकाउंटर कर दिया जाता है लेकिन जिन पंजाबवासियों की हत्याएं हो रही हैं उन मामलों में इंसाफ कब होगा.
यह भी पढ़ें: नशा तस्कर को बचाने क्यों आए बिट्टू, बाजवा और मजीठिया, अकाली-BJP सरकार ने पंजाब को किया बर्बाद: AAP
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं