आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को सवाल किया कि विपक्षी नेता रवनीत सिंह बिट्टू, प्रताप सिंह बाजवा और बिक्रम सिंह मजीठिया एक ऐसे व्यक्ति का बचाव करने के लिए जल्दबाजी में हैं, जिसके खिलाफ 2018 से एनडीपीएस आबकारी और बलात्कार जैसे 9 केस दर्ज हैं और जिसे 4 केस में दोषी ठहराया जा चुका है. इस बीच, नमोल की ज़मीनी हकीकत पर विपक्ष चुप है, जहां दो पंचायतें, गुरुद्वारा कमेटियां, किसान संगठन और गांववाले ड्रग्स की बिक्री के खिलाफ एकजुट हो गए हैं.
आप ने कहा कि पिछली अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा सरकारों ने पैसे के बदले नशा तस्करों को संरक्षण दिया और पंजाब के युवाओं को ड्रग्स की ओर धकेला, जबकि भगवंत मान सरकार ने अपने 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' के ज़रिए उस राजनीतिक गठबंधन को तोड़ दिया है और नशा तस्करों की सप्लाई लाइन तक पैसे का फ्लो रोक दिया है. पार्टी ने कहा कि विपक्ष का रिएक्शन इस कार्रवाई पर उनके दर्द को दिखाता है और अपने नेताओं को चुनौती दी कि वे लाश पर राजनीति करने के बजाय ज़मीनी स्तर पर आकर अपने दावों को दोहराएं.
आप पंजाब के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा, "पिछले 10-12 दिनों में, आपने देखा होगा और आपके चैनलों ने भी दिखाया होगा कि पंजाब के गांवों में, खासकर हमारे जिले में, किस तरह की घटनाएं हुई हैं, और ड्रग्स पर किस तरह का राजनीतिक विवाद खड़ा किया गया है."
आप पंजाब प्रधान ने कहा, "हम इस बात से पूरी तरह सहमत हैं कि जब भी किसी की जान जाती है, तो यह सिर्फ़ उस व्यक्ति के घर या परिवार का नुकसान नहीं होता, बल्कि पूरे समाज का नुकसान होता है. लेकिन जब राजनीतिक पार्टियों के लोग, राजनीतिक लीडर सच छिपाकर अपने राजनीतिक फायदे के लिए घटिया राजनीति करते हैं, तो समाज का भी नुकसान होता है, पंजाब का भी नुकसान होता है और पंजाब का नाम भी बदनाम होता है. यही हम आज देख रहे हैं."

नमोल की घटना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "आपने देखा होगा कि कल संगरूर ज़िले में ही नमोल गांव के एक नौजवान जग्गा सिंह ने डीसी ऑफ़िस के बाहर कोई ज़हरीली चीज़ निगल ली और बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन देखिए कल शाम से लेकर आज तक किस तरह की गंदी राजनीति हो रही है. यह इस बात का ताज़ा उदाहरण है कि कैसे इस घटना का इस्तेमाल पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है."
अमन अरोड़ा ने कहा, “नमोल गांव मेरे चुनाव क्षेत्र सुनाम में है और सुनाम के पास है. गांव तो एक है, लेकिन पंचायतें दो हैं. दोनों पंचायतों, पूरे गांव, सभी गुरुद्वारा कमेटियों और सभी किसान संगठनों ने मिलकर फैसला किया कि गांव में नशों को नहीं बिकने दिया जाएगा. सबने तय किया कि हमें एक साथ आकर हिम्मत दिखानी होगी और इस मुद्दे पर मिलकर काम करना होगा.”
उन्होंने कहा, “दोनों पंचायतों ने मिलकर प्रस्ताव पास किया कि वे गांव में ड्रग्स नहीं बिकने देंगे. यह पूरे गांव, पंचायतों, गुरुद्वारा कमेटियों और किसान संगठनों का मिलकर लिया गया फैसला था.”
7 सितंबर की घटना के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा, “7 तारीख को पंचायत के सदस्य और सरपंच एक साथ बैठे थे. जैसा कि मुझे बताया गया है, जग्गा सिंह वहां आया और बोला, ‘मेरी तलाशी लो.' उसने उससे कहा, ‘भाई, तुम जाओ, तुम्हारी तलाशी लेने की कोई ज़रूरत नहीं है, पूरा गांव जानता है.' थोड़ी दूर जाने के बाद उसने बहुत बुरी भाषा का इस्तेमाल करते हुए उनकी मां-बहनों को गालियां दीं. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मामूली बहस हो गई.”
उन्होंने कहा, “इसके बाद जग्गा सिंह और पंचायत की तरफ से दोनों पक्षों की तरफ से चीमा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई. मामले की अभी जांच चल रही है.”
12 सितंबर की घटना को याद करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा, “12 तारीख को वह बोतल लेकर आया और धमकी दी कि अगर सरपंच और पंचायत के खिलाफ उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगा और इसके लिए वह खुद जिम्मेदार होगा. इस तरह किसी पर दबाव डालना अपने आप में खुद पर दबाव डालने का तरीका है.”
उन्होंने कहा, "सरपंच एक चुना हुआ प्रतिनिधि होता है. एक चुने हुए प्रतिनिधि पर यह कहकर दबाव डालना कि आप आत्महत्या कर लेंगे और उसका नाम लिया जाएगा, मेरी राय में जायज नहीं है."
डीसी ऑफिस के बाहर हुई घटना के बारे में अमन अरोड़ा ने कहा, "इसके बाद कल की घटना हुई जब उन्होंने डीसी ऑफिस के बाहर कुछ ज़हरीला निगल लिया. उनके परिवार का कोई भी सदस्य उनके साथ नहीं था. डीसी ऑफिस के बाहर मौके पर पुलिस वाले मौजूद थे. पुलिस उन्हें पहले सिविल अस्पताल ले गई. फिर उन्हें सिविल अस्पताल से, शायद रविवार होने की वजह से और सभी डॉक्टर और सुविधाएं उपलब्ध न होने की वजह से, प्राइवेट उम्मीद अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया. वहां उनकी हालत स्थिर हो गई और उनका इलाज किया गया. जब वह खतरे से बाहर हो गए, तो उन्हें राजिंद्र अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया."
अमन अरोड़ा ने इस घटना के इर्द-गिर्द बनाई जा रही राजनीतिक कहानी पर सवाल उठाए, "अब कल से चल रही राजनीति को देखिए, जग्गा सिंह के खिलाफ नौ केस रजिस्टर हुए हैं. नौ केस, ये केस क्या हैं? ड्रग्स से जुड़े केस और ये आज रजिस्टर हुए केस नहीं हैं, ये 2018 के हैं. 6 अप्रैल 2018, 2019-20, 2017-18, फिर 2020, 2021 और इस साल जनवरी में भी केस रजिस्टर हुआ था."
उन्होंने कहा, "ये नौ केस क्या हैं? इन नौ केस में से चार में सज़ा हो चुकी है. इनमें ड्रग्स और शराब से जुड़े केस शामिल हैं. इस व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार का केस भी रजिस्टर हुआ है."
अमन अरोड़ा ने सोशल मीडिया पर नेताओं के बयानों पर सवाल उठाया, "और अब कल शाम से आ रहे ट्वीट्स को देखिए. नेताओं के ट्वीट्स आ रहे हैं. मैं आज आपके सामने सिर्फ इसलिए आया हूं क्योंकि मैं दिखाना चाहता हूं कि ये राजनीतिक पार्टियां और उनके नेता किस हद तक निचले लेवल की राजनीति पर उतर आए हैं."
उन्होंने कहा, "शुरू में हमारे लोकल राजनीतिक लीडर्स ने बयान दिए. उन्होंने स्टेट और नेशनल लेवल के लीडर्स समेत अपने लीडर्स को सूचित किया. फिर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का ट्वीट आया जो कथित नशा तस्कर के समर्थन में और पंचायत के खिलाफ था. तरुण चुघ ने ट्वीट किया कि कथित नशा तस्कर नशे के खिलाफ आवाज उठा रहा था."
आप पंजाब प्रधान ने कहा, "सचिन पायलट ने ट्वीट किया कि जग्गा सिंह नशों के खिलाफ आवाज उठा रहा था और पंजाब पुलिस कुछ नहीं कर रही थी. अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा, केवल सिंह ढिल्लों, रवनीत सिंह बिट्टू और विजय इंदर सिंगला सभी ने कहा कि जग्गा सिंह नशे रोकने के लिए काम कर रहा था जबकि पंचायत और पुलिस नशा तस्करी को बढ़ावा दे रही थी. इसके बाद बिक्रम मजीठिया ने भी यही बात कही. आमतौर पर जब बिक्रम मजीठिया ड्रग्स के बारे में बात करते हैं, तो यह अच्छा नहीं लगता, लेकिन वह ऐसा करते हैं.
अमन अरोड़ा ने कहा, "आपके अकाली दल के चुनाव क्षेत्र इंचार्ज विनरजीत सिंह गोल्डी हैं. वह क्या कह रहे हैं? उनका कहना है कि जग्गा सिंह, जिसे गांव में 'जग्गा ब्लैकिया' के नाम से जाना जाता है, ड्रग्स बेचता है और वे गांव के साथ खड़े हैं."
अमन अरोड़ा ने विपक्षी नेताओं से ज़िम्मेदारी लेने की अपील की. उन्होंने कहा, "मेरी इन नेताओं और इन पार्टियों से बस इतनी प्रार्थना है कि सिर्फ़ अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए, इतनी नीचे की राजनीति पर मत उतरो कि जिस आग पर तुम अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हो, उससे पंजाब में आग लग जाए."
अमन अरोड़ा ने कहा, "इन सभी पार्टियों और इन सभी नेताओं के लिए यह बहुत शर्मनाक है कि ज़मीनी हकीकत जाने बिना, वे सिर्फ़ पंजाब सरकार और हमें बदनाम करने के लिए ट्वीट कर रहे हैं, जबकि ज़मीनी हकीकत बिल्कुल अलग है."
बयान जारी करने वाले नेताओं को चुनौती देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा, "मैं इन सभी नेताओं से, जिनके नाम मैंने लिए हैं, प्रार्थना करता हूं कि अगर आप अपने ट्वीट पर कायम हैं, तो नमोल गांव में आकर लोगों के सामने यही बात कहें. आकर कहें कि जग्गा सिंह ड्रग्स की बिक्री रोक रहा है और गांव और पंचायत इसे बढ़ावा दे रहे हैं. अगर हिम्मत है, तो आकर कहें."
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