पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रविवार को छात्रों के द्वारा कैंपस में तोड़-फोड़ और आगजनी की खबरें सामने आईं. यह घटना तब हुई, जब एक छात्रा के कथित रेप और आत्महत्या की खबरों को लेकर हो रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बढ़ते विवाद को शांत करने की कोशिश की, लेकिन इससे मामला और बिगड़ गया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जिस वीडियो में सफाई देने के लिए कुछ छात्राओं को दिखाया गया था, उन्हीं छात्राओं ने बाद में सामने आकर कहा कि उन्हें क्या बोलना है, यह पहले ही बता दिया गया था और उनकी बातों का इस्तेमाल उनकी मंजूरी के बिना किया गया.
यूनिवर्सिटी ने जारी किया बयान
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने छात्रों के लिए जारी एक बयान में उन्हें 'अफवाहों' पर ध्यान न देने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि वे कैंपस में 'पूरी तरह सुरक्षित' हैं.
यूनिवर्सिटी ने बयान में कहा, "सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें झूठी और गुमराह करने वाली हैं और इन्हें शरारती तत्वों ने फैलाया है. आपको सलाह दी जाती है कि किसी भी तरह की अशांति में शामिल न हों, अपने हॉस्टल/कमरे/घर में सुरक्षित रहें और किसी भी भड़काऊ या उपद्रवी गतिविधि से दूर रहें. कृपया कैंपस में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें."

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रजिस्ट्रार ने जारी किया वीडियो...
विरोध-प्रदर्शनों के बीच, रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने छात्रों को संबोधित करते हुए एक वीडियो जारी किया. इसी वीडियो में उन्होंने गर्ल्स हॉस्टल 3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राओं को दिखाया. वही कमरा जिसका जिक्र दावों में किया गया था और उन छात्राओं ने इस बात से इनकार किया कि वहां ऐसी कोई घटना हुई थी.
वीडियो में डॉ. गुलाटी ने कहा, "मैं चाहती हूं कि आप सुनें कि GH3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली छात्राओं ने हमें क्या बताया."
पहली छात्रा ने कहा, "हम कमरा नंबर 504 में रहने वाली छात्राएं हैं. हमारे कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई. मैं पिछले दो महीनों से यहां रह रही हूं. प्लीज, पुलिस और छात्र हमें परेशान न करें. हमारे कमरे में ऐसा कुछ नहीं हुआ और हम इसमें बिल्कुल भी शामिल नहीं हैं."
छात्रों के एक ग्रुप ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया, जिससे भारी ट्रैफिक जाम लग गया.
जालंधर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) नवीन सिंगला ने बताया कि छात्रों का दावा है कि हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ करीब तीन दिन पहले रेप हुआ था और वह अपने घर वापस चली गई है. उन्होंने पत्रकारों को बताया, "उस बयान के आधार पर हमने रेप का मामला दर्ज किया है."
प्रोटेस्ट कर रहे एक छात्र ने दावा किया कि कैंपस में एक कंस्ट्रक्शन वर्कर ने एक छात्रा के साथ रेप किया, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने उसे घर भेज दिया. बाद में उसकी रूममेट ने दूसरे छात्रों को बताया कि उस छात्रा ने आत्महत्या कर ली है.
एक वीडियो में छात्र ने कहा, "शुरुआत में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे, लेकिन जब यूनिवर्सिटी के गेट खुले, तो कुछ बाहरी लोग अंदर आ गए और हंगामा किया. कैंपस में तोड़-फोड़ की. इसके बावजूद, अधिकारियों ने यह संदेश दिया कि सब कुछ सिर्फ अफवाह थी.
'सिचुएशन अंडर-कंट्रोल...'
विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बाद पुलिस द्वारा भारी तादाद में पुलिस फोर्स ले जाकर एलपीयू के अंदर सभी हॉस्टलों को चेक किया, जिससे किसी भी तरीके से कोई भी हॉस्टल में दिक्कत ना आ सके. उन्होंने बताया कि हॉस्टल के अंदर के बच्चों ने बताया था कि हॉस्टल के अंदर शरारती तत्व घुस आए हैं. वहीं, उन्होंने यह भी बताया कि अब स्थिति अंडर-कंट्रोल है और नेशनल हाईवे भी खुलवा दिया जाएगा.
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