पंजाब सरकार ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पिछले साढ़े चार साल की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए बड़े बदलाव का दावा किया है. चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया गया है. उन्होंने बताया कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए 2300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.
जर्जर व्यवस्था से आधुनिक स्कूलों तक का सफर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में सरकार बनने के समय स्कूलों की स्थिति चिंताजनक थी. हजारों स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय नहीं थे. लाखों बच्चे फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर थे. कई स्कूलों में पीने के पानी और चारदीवारी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं थीं. उन्होंने बताया कि अब 13,920 नए शौचालय बनाए जा चुके हैं और राज्य के लगभग सभी स्कूलों में यह सुविधा उपलब्ध है. इसके साथ ही दो लाख बेंच उपलब्ध कराई गई हैं ताकि किसी भी विद्यार्थी को फर्श पर न बैठना पड़े.
सीखने के परिणामों में पंजाब की कारगुजारी के बारे में बात करते हुए कैबिनेट मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "क्लासरूम लर्निंग के परिणामों में पंजाब राज्य, नीति आयोग की रिपोर्ट 2026-27 में सबसे आगे रहा है, जिसने स्कूल शिक्षा में स्वर्णिम मानक माने जाने वाले केरल को भी पीछे छोड़ दिया है."
9,000 नए क्लासरूम और आधुनिक तकनीक से लैस स्कूल
बैंस के अनुसार पिछले साढ़े चार वर्षों में 9,000 से अधिक नए क्लासरूम और लैब का निर्माण किया गया है. सरकारी स्कूलों में 10,000 से ज्यादा इंटरैक्टिव पैनल लगाए गए हैं. वहीं 5,012 स्कूलों को एडवांस्ड कंप्यूटर लैब से जोड़ा गया है. राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है और 99.9 फीसदी स्कूलों में चारदीवारी का निर्माण पूरा हो चुका है.
खेल सुविधाओं और सुरक्षा पर भी जोर
सरकार ने स्कूलों में खेल सुविधाओं को भी बढ़ाया है. अब कई सरकारी स्कूलों में स्विमिंग पूल, शूटिंग रेंज, बास्केटबॉल कोर्ट, टेनिस कोर्ट, कबड्डी मैट, कुश्ती और बॉक्सिंग रिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. इसके अलावा सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पूर्व सैनिकों को कैंपस मैनेजर बनाया गया है और बड़े स्कूलों में सुरक्षा गार्ड भी तैनात किए गए हैं.
शिक्षकों को विदेशी प्रशिक्षण
शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रिंसिपलों को सिंगापुर, प्राथमिक शिक्षकों को फिनलैंड और मुख्य अध्यापकों को आईआईएम अहमदाबाद में प्रशिक्षण दिया गया. इसका सकारात्मक असर स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है.
JEE-NEET में बढ़ी सफलता
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का प्रदर्शन भी बेहतर हुआ है. पिछले चार वर्षों में 786 विद्यार्थियों ने JEE और 2,166 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा पास की है. वर्ष 2021 में जहां केवल 80 सरकारी स्कूल विद्यार्थियों ने NEET पास किया था, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 882 पहुंच गई. इसी तरह 361 विद्यार्थियों ने JEE Main और 64 विद्यार्थियों ने JEE Advanced परीक्षा में सफलता हासिल की.
निजी स्कूल छोड़ सरकारी स्कूलों में बढ़ा भरोसा
हरजोत सिंह बैंस ने दावा किया कि वर्ष 2022 से अब तक 3.64 लाख विद्यार्थी निजी स्कूलों से निकलकर सरकारी स्कूलों में दाखिल हुए हैं. उन्होंने इसे सरकारी स्कूलों में बढ़ते जनविश्वास का सबसे बड़ा प्रमाण बताया.
AI पढ़ाने वाला पहला राज्य बना पंजाब
पंजाब पहली से बारहवीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. वहीं बिजनेस ब्लास्टर्स कार्यक्रम के तहत 2.30 लाख विद्यार्थियों को उद्यमिता का अनुभव दिया गया. सरकार ने 29 करोड़ रुपये की सीड मनी उपलब्ध कराई और विद्यार्थियों ने करीब 3 करोड़ रुपये का लाभ भी कमाया.
आगे भी जारी रहेगा शिक्षा सुधार अभियान
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पढ़ाई छोड़ चुके छात्रों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के लिए 40 विशेष स्किल एजुकेशन स्कूल खोले गए हैं. साथ ही सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवा भी शुरू की गई है. उन्होंने भरोसा जताया कि अगले दो वर्षों में पंजाब ऐसा राज्य बनेगा जहां सरकारी स्कूलों में किसी भी प्रकार की सुविधा की कमी नहीं रहेगी.
यह भी पढ़ें- "महात्मा गांधी की हत्या नहीं होती तो...", राजस्थान के मंत्री का बापू की हत्या पर विवादित बयान
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं