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This Article is From Feb 10, 2017

मनमोहन सिंह को 'बेईमानों' का नेता बने रहने की क्या मजबूरी थी : पंजाब बीजेपी

मनमोहन सिंह को 'बेईमानों' का नेता बने रहने की क्या मजबूरी थी : पंजाब बीजेपी
जालंधर: देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक ईमानदार और जिम्मेदार नेता बताते हुए संसद में मचे घमासान के बीच प्रदेश भाजपा ने आज पूछा है कि उन्हें यह बताना चाहिए कि वह किस मजबूरी के कारण उस बेईमान और भ्रष्ट संप्रग सरकार के मुखिया बने रहे थे, जिसमें कई घोटाले हुए.

भाजपा के पंजाब इकाई के प्रवक्ता राकेश शांतिदूत ने यहां बयान जारी कर कहा, 'पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ईमानदार और जिम्मेदार नेता हैं, इसमें कोई शक नहीं है, लेकिन सच्‍चाई यह भी है कि वह लंबे समय तक बेईमान और भ्रष्ट नेताओं की टीम के कप्तान बने रहे थे'. शांतिदूत ने कहा, 'वह उस भ्रष्ट और बेईमान संप्रग सरकार के मुखिया रहे जिस शासन में देश में कई बडे़-बडे़ घोटाले हुए थे. पूर्व प्रधानमंत्री को यह बताना चाहिए कि उनकी कौन सी मजबूरी थी जिस कारण वह बेईमान और भ्रष्ट सरकार में प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए मजबूर होना पड़ा था'. शांतिदूत ने कहा कि डॉ. सिंह संसद में मोदी सरकार के कालेधन से लड़ने की रणनीति के लिए 'लूट' जैसे शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं तो उन्हें भी समान हमले के लिए तैयार रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि ईमानदार होना और बात है, लेकिन भ्रष्ट और बेईमानों का नेता बने रहना भी अपने आप में कई सवाल खड़े करता है.

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