पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के तीन बागी नेता बीजेपी में शामिल हो गए हैं. आम आदमी पार्टी ने इस घटनाक्रम को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है. AAP के पंजाब नेतृत्व का कहना है कि पार्टी ने अपने नेताओं और मंत्रियों के खिलाफ भी आरोप सामने आने पर कार्रवाई की है, जबकि भाजपा गंभीर आरोपों का सामना कर रहे उनके नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर रही है. आम आदमी पार्टी का कहना है कि जिन कुंवर विजय प्रताप सिंह, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ आम आदमी पार्टी पहले ही पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोपों में अनुशासनात्मक कार्रवाई कर चुकी थी, उन्हें बीजेपी ने अपने खेमे में शामिल कर लिया.
सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के गंभीर आरोपों में मामला दर्ज है. सितंबर 2025 में हरियाणा के करनाल में गिरफ्तारी के दौरान पंजाब पुलिस पर फायरिंग और पथराव के बीच फरार हो गया था. इसके बावजूद दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनके साथ मंच साझा किया और उन्हें औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल कराया.
पार्टी ने कहा कि पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह को AAP ने 29 जून 2025 को ही पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था. जून 2025 में ही चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा को भी पार्टी ने अनुशासनात्मक और जनहित कामों में लापरवाही के चलते कार्रवाई करते हुए साइड लाइन कर बाहर का रास्ता दिखा दिया था.
आम आदमी पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली से जुड़ी योजनाओं को अपनी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में पेश करती रही है. सरकारी स्कूलों में सुधार, आम आदमी क्लीनिक और बिजली राहत जैसी योजनाएं उसके शासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम हैं. सरकार इन योजनाओं को जनहित से जोड़ती है, जबकि विपक्ष उनके क्रियान्वयन और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर सवाल उठाता रहा है. ऐसे में 2027 का चुनाव केवल नेताओं के पार्टी बदलने का नहीं, बल्कि सरकार के कामकाज और आगे बढ़ते पंजाब का जनादेश होगा.
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