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वर्ल्ड चैंपियनशिप में दुनिया की सबसे कामयाब पीवी सिंधु के लिए क्यों ख़ास है दिल्ली वर्ल्ड चैंपियनशिप का ख़िताब

बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप की शुरुआत सोमवार से हो रही है और दुनिया की सबसे कामयाब स्टार पीवी सिंधु से एक बार पदक की उम्मीद होगी.

वर्ल्ड चैंपियनशिप में दुनिया की सबसे कामयाब पीवी सिंधु के लिए क्यों ख़ास है दिल्ली वर्ल्ड चैंपियनशिप का ख़िताब
Delhi World Championship special for PV Sindhu

सोमवार से शुरू हो रहे बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में सबकी निगाहें वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में दुनिया की सबसे कामयाब महिला सिंगल्स की स्टार पीवी सिंधु को ढूंढती रहीं. डबल ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु के साथ चिराग-सात्विक की जोड़ी, लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी, उनन्ति हुडा और गायत्री गोपीचंद- त्रिशा जॉलि की जोड़ी के प्रैक्टिस बाद दिल्ली के इंतज़ाम और उनकी तैयारी को लेकर उनसे सवाल पूछे जाते रहे.  

सिर्फ़ महीने भर पहले 31 साल की उम्र में जापान ओपन का ख़िताब जीतकर इतिहास रचनेवाली चैंपियन सिंधु वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए बढ़-चढ़कर दावे नहीं कर रहीं. लेकिन वो इतना ज़रूर कहती हैं और जानती हैं कि दिल्ली में उन्हें फ़ैन्स का ज़बरदस्त सपोर्ट मिलनेवाला है और एक से ज़्यादा वजहों से वो 7 साल बाद इस टूर्नामेंट में पदक की उम्मीद कर रही हैं. 

तब मैं एक छोटी लड़की थी 

डबल ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना पहला मेडल गुआंगझोऊ, चीन में 13 साल पहले 2013 में जीता और अपना पहला गोल्ड 7 साल पहले बाज़ल (स्विट्ज़रलैंड) में 2019 में जीता. वो कहती हैं, “17 साल पहले जब हैदराबाद में वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन हुआ तब मैं एक छोटी लड़की थी. मैं बड़े स्टार्स के साथ फ़ोटो ख़िंचवाती थी और टूर्नामेंट को ख़्वाब की तरह देख रही थी. आज मैं जानती हूं मुझे यहां फ़ैन्स का बड़ा सपोर्ट मिलने वाला है.”

‘इसलिए दिल्ली वर्ल्ड चैंपियनशिप है स्पेशल'

दिल्ली वर्ल्ड चैंपियनशिप के शुरू होने से पहले प्रेस कॉन्फ़्रेंस में वो NDTV के सवाल का जवाब देती हुई कहती हैं, “ये बहुत स्पेशल है क्योंकि बहुत साल के बाद ये टूर्नामेंट भारत में हो रहा है. मैंने आख़िरी बार 2019 में ख़िताब जीता. तब से 7 साल हो गए हैं. जापान ओपन में (पिछले महीने) की जीत से मुझे बहुत कॉन्फ़िडेंस मिला है. मैं एक-एक मैच के हिसाब से टूर्नामेंट खेलूंगी. मुझे घरेलू फ़ैन्स का सपोर्ट भी मिलनेवाला है. उम्मीद करती हूं कि मैं यहां मेडल जीत पाऊंगी.”

इस बीच सोमवार से दिल्ली में शुरू हो रहे वर्ल्ड बैडमिंटन में ज़रूरत से ज़्यादा सुरक्षा व्यवस्था और खिलाड़ियों को लेकर सतर्कता बरती जाती हुई नज़र आई. वॉलेंटियर्स और पीआर की नज़रें पत्रकारों पर बनी रहीं कि कहीं कोई ऐसी-वैसी बात ना हो जाए. बहरहाल, फ़ैन्स असली एक्शन शुरू होता देखने के लिए बेताब दिख रहे हैं ताकि  वो दिल्ली में इतिहास बनता देख सकें.

बैडिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में दुनिया में सबसे ज़्यादा पदक

  • पीवी सिंधु (भारत), झैंग निंग (चीन) के नाम महिला सिंगल्स के सबसे ज़्यादा 5-5 मेडल  
  • लिन डैन (चीन) और पार्क जू बॉन्ग के नाम पुरुष सिंगल्स के 5-5 गोल्ड
  • झाओ यून लेई (चीन) के नाम मिक्स्ड डबल्स के 10 मेडल( 5 गोल्ड, 2 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज़)

बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में भारत के पदक

  • पीवी सिंधु (1 गोल्ड, 2 सिल्वर, 2 ब्रॉन्ज़)- 5 मेडल
  • प्रकाश पादुकोण (1 ब्रॉन्ज़): 1 मेडल
  • साइना नेहवाल (1 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज़): 2 मेडल
  • किदाम्बि श्रीकांत (1 सिल्वर): 1 मेडल
  • बी साइ प्रणीथ (1 ब्रॉन्ज़): 1 मेडल 
  • लक्ष्य सेन (1 ब्रॉन्ज़): 1 मेडल 
  • सात्विक साइराज- चिराग शेट्टी (2 ब्रॉन्ज़): 2 मेडल 
  • ज्वाला गुट्टा-अश्विनी पोनप्पा (1 ब्रॉन्ज़): 1 मेडल
  • एचएस प्रणॉय (1 ब्रॉन्ज़): 1 मेडल

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