भारत के गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा आगामी एशियन गेम्स से बाहर हो गए हैं. नीरज ने बताया है कि ट्रेनिंग के दौरान टखने में लिगामेंट फटने की वजह से उनका 2026 का सीजन समय से पहले और दर्दनाक तरीके से खत्म हो गया है. वहीं अब एशियाड में अब भारत को रोहित यादव और किशोर जेना से पदक की उम्मीद होगी. हालांकि, उनके लिए यह आसान नहीं होने वाला है, क्योंकि उन्हें चीनी खिलाड़ियों की चुनौती मिलेगी. फिलहाल एशियन गेम्स का ऑल-टाइम रिकॉर्ड भी चीन के ही नाम है. 1951 में एशियन गेम्स का आगाज हुआ था और जैवलिन पहले संस्करण से ही इवेंट का हिस्सा रहे हैं. पिछले कुछ सालों में, एशियन गेम्स में जैवलिन थ्रो के परफॉर्मेंस में लगातार सुधार हुआ है.
जापान के हारुओ नागायासु ने 1951 के एशियन गेम्स में 63.97m थ्रो करके पुरुषों का पहला जैवलिन थ्रो गोल्ड मेडल जीता था. नागायासु की हमवतन तायोको योशिनो ने 1951 के महिलाओं के इवेंट में 36.25m की कोशिश के साथ गोल्ड मेडल जीता था. इस बीच, पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए एशियन गेम्स के जैवलिन थ्रो रिकॉर्ड पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना के एथलीटों के नाम हैं.
चीन के झाओ किंगगांग ने इंचियोन में 2014 के एशियन गेम्स में पुरुषों के जेवलिन थ्रो फील्ड में 89.15m की कोशिश के साथ टॉप किया था. यह उस समय का एशियन रिकॉर्ड था. अभी का एशियन रिकॉर्ड 92.97m का है, जो 2024 से पाकिस्तान के अरशद नदीम के नाम है. उन्होंने पेरिस ओलंपिक में यह गोल्ड थ्रो किया था. वहीं, पुरुषों का जेवलिन थ्रो वर्ल्ड रिकॉर्ड 98.48m का है. यह 1996 से चेक रिपब्लिक के जान ज़ेलेज़नी के नाम है.
बात अगर एशियाड के ऑल टाइम रिकॉर्ड की करें तो यह चीन के झाओ किंगगांग के नाम ही है. उन्होंने इंचियोन 2014 में 89.15m का थ्रो किया था. जबकि नीरज चोपड़ा ने चीन के हांग्जो में हुए एशियन गेम्स 2023 में 88.88m के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता था और वो ऑल टाइम लिस्ट में दूसरे स्थान पर है. जकार्ता 2018 में नीरज का 88.06m का विनिंग थ्रो लिस्ट में तीसरे नंबर पर है. एक और भारतीय थ्रोअर, किशोर कुमार जेना, हांग्जो 2023 में 87.54m की दूरी से सिल्वर मेडल जीतने की वजह से स्टैंडिंग में चौथे स्थान पर हैं.
बात अगर अरशद नदीम की करें तो एशियन गेम्स में उनका बेस्ट प्रदर्शन 2018 में आया था, जब उन्होंने ब्रॉन्ज अपने नाम किया था. इंडोनेशिया के जकार्ता में पाकिस्तानी जैवलिन थ्रोअर ने 80.75 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, जो उस समय उनका पर्सनल बेस्ट और नेशनल रिकॉर्ड था. यह 1994 के बाद से 24 सालों में एशियन गेम्स में पाकिस्तान का पहला एथलेटिक्स मेडल था. इस इवेंट का गोल्ड भारत के नीरज चोपड़ा ने 88.06 मीटर के थ्रो के साथ जीता था, जबकि चीन के लियू किझेन ने 82.22 मीटर के साथ सिल्वर मेडल जीता.
एशियन गेम्स में जैवलिन थ्रो रिकॉर्ड - पुरुष
- झाओ किंगगांग (चीन)- 89.15m- इंचियोन 2014
- नीरज चोपड़ा (भारत)- 88.88m- हांग्जो 2023
- नीरज चोपड़ा (भारत)- 88.06m- जकार्ता 2018
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