Lovlina Borgohain Net Worth 2026: बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश के लिए पहला मेडल पक्का कर लिया है. असम की रहने वाली 28 साल की लवलीना ने महिलाओं की 75 किग्रा कैटेगरी के सेमी-फ़ाइनल में सीधे एंट्री की है. अब उनका पोडियम फिनिश (मेडल जीतना) पक्का है, क्योंकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाले दोनों बॉक्सर्स को ब्रॉन्ज़ मेडल मिलेगा. 2021 टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली लवलीना को CWG में पहले राउंड में 'बाय' (बिना खेले अगले राउंड में पहुंचना) मिला, क्योंकि उनकी कैटेगरी में ड्रॉ में सिर्फ पांच बॉक्सर थे. अब वह 31 जुलाई को 75 किग्रा बॉक्सिंग सेमी-फ़ाइनल में तुवालु की तारोना ताफाकी का सामना करेंगी.
इंग्लैंड की मैरी केट स्मिथ और नाइजीरिया की पेट्रीसिया मबाटा के बीच होने वाला बचा हुआ क्वार्टर-फ़ाइनल मुकाबला 28 जुलाई को होगा. लवलीना के अलावा, ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री और तुवालु की तारोना ताफाकी भी सीधे सेमी-फ़ाइनल में पहुंच गईं.
CWG 2026 में पूरा होगा लवलीना का सपना
भारतीय महिला बॉक्सर लवलीना के शानदार करियर में ओलंपिक ब्रॉन्ज और एशियन गेम्स सिल्वर मेडल शामिल हैं. हालांकि, लवलीना बोरगोहेन ने अभी तक कॉमनवेल्थ गेम्स में कोई मेडल नहीं जीता है और इस बार CWG 2026 ग्लासगो में उनका यह सपना पूरा होगा. अपना पहला ओलंपिक मेडल जीतने से पहले, वह 2017 और 2021 एशियन चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर रही थीं.
कॉमनवेल्थ गेम्स में कैसा रहा है लवलीना का प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना का प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा है. वह 2018 में क्वार्टर-फ़ाइनल हार गई थीं और बर्मिंघम 2022 में शुरुआती राउंड से ही बाहर हो गई थीं. हालांकि, उस समय लवलीना 69 किग्रा कैटेगरी में खेलती थीं. बाद में 2023 में, उन्होंने एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता.
लवलीना बोरगोहेन की नेटवर्थ कितनी है?
द संडे गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, लवलीना की मौजूदा नेट वर्थ लगभग $1 मिलियन (करीब ₹8.31 करोड़) है. उनकी इनकम का सोर्स कॉम्पिटिशन की प्राइज़ मनी, ब्रांड डील्स और सरकारी इनाम हैं. ब्रॉन्ज़ मेडल पक्का होने के बाद, लवलीना बोरगोहेन महिलाओं के 75kg क्वार्टर-फ़ाइनल में पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरेंगी. पूर्व वर्ल्ड चैंपियन का लक्ष्य टॉप पर रहकर अपने करियर का पहला CWG मेडल जीतना होगा. यह उनके लिए एक शानदार मौका है, क्योंकि इस साल कॉम्पिटिशन कम है.
संघर्ष से भरा है लवलीना का जीवन
एक छोटे से गांव से इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचने का यह सफर इस युवा बॉक्सर के लिए आसान नहीं रहा. 2 अक्टूबर 1997 को असम के गोलाघाट जिले के बारोमुखिया नाम के एक दूर-दराज गांव में जन्मी लवलीना बोरगोहेन के परिवार को उनके बचपन में गुजारा करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा. लेकिन लवलीना के पिता को अपने बच्चों के स्पोर्ट्स में आगे बढ़ने के सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया.
लवलीना और उनकी दो बड़ी बहनों ने मुए थाई (Muay Thai) को अपनाया, जो किकबॉक्सिंग का ही एक रूप है. उनकी दोनों बहनों ने नेशनल लेवल पर भी हिस्सा लिया. हालांकि, लवलीना बोरगोहेन को बॉक्सिंग में ही अपनी असली पहचान मिली. 2012 में अपने स्कूल में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) के बॉक्सिंग ट्रायल के दौरान, लवलीना बोरगोहेन का टैलेंट पदुम बोरो की नजर में आया, जो बाद में उनके बचपन के कोच बने.
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