जैस्मीन लेम्बोरिया (Jaismine Lamboria) ने शनिवार (एक अगस्त 2026) को नॉर्दन आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 से शिकस्त देकर महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग का गोल्ड मेडल अपने नाम किया. खिताबी जीत के बाद जैस्मिन ने कहा कि उन्होंने इसके लिए काफी मेहनत की थी, जिसका फल मिला है. गोल्ड मेडल जीतने के बाद जैस्मिन ने 'आईएएनएस' से कहा, 'बहुत अच्छा लग रहा है. पिछली बार, जब हम साल 2022 में यहां आए थे, तो मैं युवा थी और मेरे पास ज्यादा अनुभव नहीं था, इसलिए मैंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था, लेकिन इस बार मैंने बहुत मेहनत की और उस मेहनत का फल मिला है. मेरी फाइट्स काफी अच्छी थीं. आयरलैंड की बॉक्सर कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट रह चुकी थीं. कोच ने उनके खिलाफ रणनीति बनाई थी और आखिरकार हम कामयाब रहे.'
जैस्मिन अपनी जिंदगी की कहानी पर बायोपिक बनाने की बढ़ती मांग के बावजूद अपनी जगह पर डटी रहीं. ऐतिहासिक जीत के बाद जैस्मिन ने कहा कि उन्होंने कभी अपने सफर पर आधारित फिल्म के बारे में सोचा भी नहीं था और उनका मानना है कि कई दूसरे भारतीय एथलीट उनसे ज्यादा इस पहचान के हकदार हैं.
जैस्मिन ने कहा, 'मैंने तो इस बारे में सोचा भी नहीं. भारत में मुझसे भी बहुत अच्छे एथलीट हैं. मैं चाहूंगी कि उन पर बायोपिक मूवी बने. मैं तो उन सभी से प्रेरणा लेती हूं. मेरा ध्यान अभी सिर्फ खेल पर है.'
इंडियन आर्मी में कार्यरत 24 वर्षीय जैस्मिन ने 2025 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड अपने नाम किया था. उन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में दो गोल्ड मेडल हासिल किए हैं. वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर चुकी हैं.
बेटी की ऐतिहासिक उपलब्धि पर हरियाणा के भिवानी में जैस्मिन के परिवार में जश्न का माहौल है. जैस्मिन के पिता जयवीर लेम्बोरिया ने पत्रकारों से कहा, 'फाइनल मुकाबले के दौरान हमारे दिल की धड़कनें तेज थीं, लेकिन उन्होंने सपना पूरा कर दिया. वह 10 वर्षों से बॉक्सिंग की प्रैक्टिस कर रही हैं. जब वह स्वेदश लौटेंगी, तो उनका जोरदार स्वागत होगा. उन्हें चूरमा पसंद है. उनके लिए हम इसे बनाएंगे.'
मां जोगेंद्र ने कहा, 'मेरी बेटी ने गोल्ड मेडल जीता है. मैं बहुत खुश और गर्व महसूस कर रही हूं. मुझे अपनी बेटी से यही उम्मीद थी और उसने मेरी उम्मीदों को पूरा किया है. बाउट के दौरान हमारी धड़कनें काफी तेज थीं. वह जब घर पर होती हैं, तो घी, दूध, दही-चूरमा पसंद करती हैं, मैं उनके लिए इसे बनाऊंगी.'
वहीं, प्रीति ने महिलाओं की 54 किलोग्राम प्रतियोगिता में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो के खिलाफ 5-0 से फाइनल बाउट जीतकर गोल्ड मेडल हासिल करने वालीं प्रीति पवार ने 'आईएएनएस' से कहा, 'मैं बहुत खुश हूं. अभी और भी मुक्केबाजों के फाइनल बाउट्स हैं, जिसे लेकर मैं काफी उत्साहित हूं. मुझे खुद पर काफी विश्वास था. अब हम थोड़ा ब्रेक लेंगे, जिसके बाद फिर से कैंप से जुड़कर एशियन गेम्स की तैयारी करेंगे.'
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