जापान में होने वाले 2026 एशियाई खेलों में नीली जर्सी में हॉकी इंडिया की वापसी होगी. इसी फैसले के तहत भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने नीदरलैंड और बेल्जियम में खेले गए प्रो लीग मुकाबलों में अपनी मुख्य किट के रूप में केसरिया जर्सी पहनी थी. एशियन गेम्स के लिए भी इसी जर्सी को मंजूरी दी गई थी. हॉकी इंडिया ने तब स्पष्ट किया था कि 27 जुलाई को लिया गया यह फैसला पूरी तरह तकनीकी कारणों से प्रेरित था, ताकि खिलाड़ियों की जर्सी का रंग नीले टर्फ से मेल न खाए और मैदान पर उनकी पहचान बेहतर बनी रहे.
🚨 India's Hockey teams are set to return to their traditional blue home kits at the Asian Games.
— The Khel India (@TheKhelIndia) September 8, 2026
Hockey India listed blue as the first preference, with saffron as the secondary colour.
[ Via - @sportstarweb ] pic.twitter.com/oe2zuQ9x93
जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर पहले विवाद हो चुका है. उस समय हॉकी इंडिया ने सफाई देते हुए कहा था कि यह फैसला किसी राजनीतिक या अन्य कारण से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ हुई विस्तृत चर्चा के बाद तकनीकी आधार पर लिया गया था. महासंघ के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब नीले रंग की सिंथेटिक पिच मानक बन चुकी है और नीली जर्सी कई बार टर्फ के रंग में घुल-मिल जाती थी, जिससे खिलाड़ियों की दृश्यता प्रभावित होती थी.
हॉकी इंडिया ने बताया था कि कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों ने पीले तथा केसरिया जैसे वैकल्पिक रंगों का सुझाव दिया था. सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद केसरिया रंग पर सहमति बनी. महासंघ ने यह भी कहा था कि तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ केसरिया रंग का विशेष महत्व है, क्योंकि यह भारतीय तिरंगे का हिस्सा है और साहस, त्याग तथा राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है.
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