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This Article is From Jul 09, 2025

MHADA फ्लैट और दुकानों का लालच... मुंबई में सपना दिखाकर ऐसे हुई 27 लाख की ठगी

पीड़िता शिल्पा कोंडेकर, जो बोरीवली के मागाठाणे इलाके की रहने वाली हैं, के अनुसार यह ठगी नवंबर 2020 से शुरू हुई. वह अपने मामा प्रमोद दत्तात्रय बलकवाडे से मिलने गई थीं, जिन्होंने उन्हें अपने मित्र राज शाह के जरिए MHADA की सस्ती योजना की जानकारी दी.

MHADA फ्लैट और दुकानों का लालच... मुंबई में सपना दिखाकर ऐसे हुई 27 लाख की ठगी
  • दहिसर पुलिस ने मुख्यमंत्री कोटे में सस्ते MHADA फ्लैट और दुकानों का झांसा देकर 27 लाख रुपये की ठगी करने वाले राज हीरालाल शाह को गिरफ्तार किया है।
  • राज शाह ने खुद को सरकारी संपर्कों वाला बताकर कई लोगों को MHADA की फर्जी योजनाओं के नाम पर ठगा और उनसे बड़ी रकम वसूली।
  • शिल्पा कोंडेकर ने अपने परिवार के नाम पर फ्लैट और दुकान के लिए आवेदन किया, लेकिन 27 लाख रुपये देने के बाद भी कोई संपत्ति नहीं मिली।
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मुख्यमंत्री कोटे में सस्ते MHADA फ्लैट और दुकानों का झांसा देकर एक महिला से 27 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को दहिसर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान राज हीरालाल शाह के रूप में हुई है, जो पिछले पांच महीनों से फरार था. फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है.

पुलिस जांच में सामने आया है कि हीरालाल शाह ने केवल एक ही नहीं, बल्कि कई लोगों को MHADA की फर्जी योजनाओं के नाम पर ठगा है. उसने खुद को विशेष सरकारी संपर्कों वाला बताकर लोगों को मुख्यमंत्री कोटे के अंतर्गत मिलने वाले सस्ते घरों और दुकानों का लालच दिया.

पीड़िता शिल्पा कोंडेकर, जो बोरीवली के मागाठाणे इलाके की रहने वाली हैं, के अनुसार यह ठगी नवंबर 2020 से शुरू हुई. वह अपने मामा प्रमोद दत्तात्रय बलकवाडे से मिलने गई थीं, जिन्होंने उन्हें अपने मित्र राज शाह के जरिए MHADA की सस्ती योजना की जानकारी दी.

राज शाह ने शिल्पा और उनके परिवार को मागाठाणे में कुछ फ्लैट्स और चारकोप में कुछ कमर्शियल शॉप्स दिखाई. भरोसा जताते हुए शिल्पा ने अपनी मां और सास के नाम पर दो फ्लैट्स और एक दुकान के लिए आवेदन करने का फैसला लिया. दिसंबर 2020 में शिल्पा की मुलाकात पहली बार राज शाह से हुई थी. कई बैठकों के दौरान उसने MHADA की उपलब्ध यूनिट्स की एक लिस्ट भी दिखाई और आवेदन के फर्जी दस्तावेज देकर विश्वास में लिया. इसके बाद परिवार ने किश्तों में कुल ₹27 लाख शाह और उनके मामा को ट्रांसफर किए.

हालांकि, इतने पैसे देने के बावजूद उन्हें न तो फ्लैट मिला और न ही दुकान. शाह लगातार बहाने बनाता रहा और सरकारी प्रक्रिया में देरी होने की बात कहता रहा. अक्टूबर 2021 में उसने सरकार बदलने का हवाला देते हुए नए सिरे से आवेदन भरवाए. लेकिन उसके बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई.

जब शिल्पा ने शाह से संपर्क करने की कोशिश की, तो पता चला कि वह बोरीवली के गणपत नगर स्थित अपने पुराने पते से गायब हो चुका था. इसके बाद शिल्पा ने दहिसर पुलिस स्टेशन में शाह और अपने मामा के खिलाफ धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई.

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