महिला डॉक्टर से मारपीट के मामले में गिरफ्तार शिवसेना (शिंदे) के पार्षद रमेश म्हात्रे को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दरअसल, कोर्ट ने पुलिस की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें पुलिस ने रमेश म्हात्रे की खराब सेहत का हवाला देते हुए उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किए जाने की इजाजत मांगी थी. कोर्ट ने पुलिस की याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि म्हात्रे को कोर्ट के समक्ष पेश होना ही होगा. ये मामला सोमवार को सामने आया था.
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने बुधवार को रमेश म्हात्रे को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद म्हात्रे की तबीयत बिगड़ गई थी इस वजह से उन्हें ठाणे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने बताया कि म्हात्रे का इलाज ठाणे सिविल अस्पताल के ICU में विशेषज्ञों की देखरेख में किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कॉर्पोरेटर की सिर्फ़ एक किडनी है, उनका ब्लड प्रेशर (BP) बढ़ गया है और उन्हें बार-बार उल्टी की शिकायत भी हो रही है.
गुरुवार को पुलिस ने कल्याण की अदालत में एक अर्ज़ी दायर की, जिसमें म्हात्रे की सेहत का हवाला देते हुए उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेश करने की इजाज़त मांगी गई थी.बचाव पक्ष ने भी यही अनुरोध किया और बताया कि कॉर्पोरेटर 73 साल के हैं. उन्होंने अदालत से म्हात्रे को शुक्रवार तक पुलिस कस्टडी में भेजने की अपील की, क्योंकि बाकी तीन आरोपियों की कस्टडी भी उसी दिन खत्म हो रही है और उन्हें एक साथ पेश किया जा सकता है.
अदालत ने इस अर्ज़ी को खारिज कर दिया और कहा कि म्हात्रे को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश किया जाना चाहिए. जज ने साफ़ कर दिया कि जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक वे पुलिस कस्टडी या न्यायिक हिरासत की मंज़ूरी नहीं देंगे.
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