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This Article is From Jul 26, 2021

मुंबई में अभी भी आ रहे दिल्‍ली से ज्‍यादा नए कोरोना केस, इसके कारण तलाशने में जुटे विशेषज्ञ..

जिस रफ़्तार से दिल्ली में मामले घट रहे हैं, मुंबई में कम नहीं हो रहे क्‍योंकि यहां इमारतों से अब भी पॉज़िटिव मरीज़ रिपोर्ट हो रहे हैं.

मुंबई में अभी भी आ रहे दिल्‍ली से ज्‍यादा नए कोरोना केस, इसके कारण तलाशने में जुटे विशेषज्ञ..
मुंबई में अभी भी रोजाना 300 से 400 के बीच नए कोरोना केस रिपोर्ट हो रहे हैं (प्रतीकात्‍मक फोटो)
मुंंबई:

कोविड हॉटस्पॉट रहे महाराष्‍ट्र के महानगर मुंबई में बीते कुछ समय में संक्रमण के मामले (Corona cases In Mumbai) काफ़ी कम तो हुए हैं लेकिन दिल्ली के रोज़ाना के मामले (Corona cases In Delhi) की तुलना में मुंबई में अभी भी क़रीब 400% मामले ज़्यादा है. BMC कहती है, 'मुंबई में अब भी बिल्डिगों से मामले रिपोर्ट हो रहे हैं जबकि झुग्गियों से न के बराबर मामले हैं. ट्रैवल हिस्ट्री वाले लोग ज़्यादा पॉज़िटिव पाए जा रहे हैं. हालांकि मुंबई की झुग्गी झोपड़ियों में बिना मास्क में घूमते हुए कई लोग दिख जाते हैं. ये लापरवाही शायद इसलिए है क्‍योंकि दूसरी लहर के क़हर से ये बस्तियां लगभग बची रहीं. शहर की आधी आबादी ऐसी बस्तियों में ही बसती हैं, इनमें से फ़िलहाल सिर्फ़ 3 झुग्गियां ही कंटेनमेंट ज़ोन में शामिल हैं.

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मुंबई की अब भी 61 इमारतें कोविड के कारण सील हैं. झुग्गियों में संक्रमण फ़िलहाल शांत हैं, सबसे बड़ी बस्ती धारावी में नए मरीज़ न के बराबर दिखते हैं. जनरल फिजीशियन डॉक्‍टर संजीव डी खोसला कहते हैं, 'पहली वेव सबसे ज़्यादा झुग्गी-झोपड़ियों को छूकर गई थी. धारावी पर बहुत ध्यान था, दूसरी लहर जब ज़ोर से छूकर गयी तब झुग्गियों पर, धारावी पर उसका असर फिर भी कम था क्‍योंकि लोगों की इम्यूनिटी काम आई, संक्रमण का एक्सपीरियंस काम आया.'दूसरी लहर की पीक के दौरान दिल्ली ने एक दिन में सबसे ज़्यादा, 28,000 कोविड के मामले देखे थे वहीं मुंबई ने क़रीब 11,000 मामले देखे. बहरहाल, दिल्ली अब सबसे निचले स्तर पर पहुंचकर 60-70 या 100 से कम मामले रिपोर्ट कर रही है लेकिन मुंबई अब भी बीते क़रीब 3 हफ़्तों से नए मामलों की संख्‍या रोजाना 300-500 के आसपास अटकी हुई है. दिल्ली की तुलना में मुंबई 400% ज़्यादा मामले रिपोर्ट कर रही है. एक महीने पहले यानी 26 जून के एक्टिव कोविड मरीजों के आंकड़े देखें तो दिल्ली में एक्टिव पेशेंट की संख्या 63% घटी है तो मुंबई में यह 38% कम हुई है. 

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जिस रफ़्तार से दिल्ली में मामले घट रहे हैं, मुंबई में कम नहीं हो रहे क्‍योंकि यहां इमारतों से अब भी पॉज़िटिव मरीज़ रिपोर्ट हो रहे हैं. एडिशनल म्यूनिसिपल कमिश्नर सुरेश ककानी कहते हैं, 'मुंबई में अब भी जो 300-400 मामले आ रहे हैं, हमने उनका विश्लेषण किया तो पता चलता है की जिस इलाक़े में ऊंची इमारतें, पक्की इमारतें हैं, अंधेरी ईस्ट, अंधेरी वेस्ट, बोरिवली, कांदीवली से मामले दिख रहे हैं. ये अधिकांश वैसे मरीज़ हैं जो व्यावसायिक या सामाजिक समारोहों के लिए बाहर गए हैं या स्थानीय पर्यटन स्थलों की यात्रा की है, झुग्गी-झोपड़ी या अन्य घनी आबादी वाले इलाक़ों से नहीं के बराबर मामले दिख रहे हैं.' मुंबई में पॉजिटिविटी घटकर 1% पर तो आ गई है लेकिन अभी भी यह राजधानी दिल्‍ली की 0.09% तुलना में ज़्यादा है. विशेषज्ञ इसका एक कारण टीकाकरण भी मानते हैं. मुंबई में जहां अब तक 67 लाख लोगों को वैक्सीन लगी है वहीं 95 लाख दिल्लीवासियों का टीकाकरण हो चुका है.

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