विज्ञापन

नया टैक्‍स संशोधन बिल 2026 लोकसभा में पेश, जानिए रियल एस्‍टेट से इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स सेक्‍टर तक किसे क्‍या फायदा होगा

'द टैक्सेशन एंड अदर लॉज संसोधन बिल, 2026' लोकसभा में पारित हो किया गया है. यह 'मेक इन इंडिया' को मजबूत करने और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को नए स्तर पर ले जाने का एक मास्टरप्लान है.

नया टैक्‍स संशोधन बिल 2026 लोकसभा में पेश, जानिए रियल एस्‍टेट से इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स सेक्‍टर तक किसे क्‍या फायदा होगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

देश को वैश्विक निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और डेटा हब बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने नया टैक्स संसोधन बिल यानी कि 'द टैक्सेशन एंड अदर लॉज संसोधन बिल, 2026' लेकर आई है. लोकसभा में पारित यह बिल केवल कानूनी संशोधन नहीं है, बल्कि भारत में वैश्विक पूंजी (Foreign Capital) को आकर्षित करने, 'मेक इन इंडिया' को मजबूत करने और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को नए स्तर पर ले जाने का एक मास्टरप्लान है. वित्त मंत्रालय के थीमैटिक नोट और जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह बिल इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, डायमंड ट्रेड, फंड मैनेजमेंट और बिजनेस ट्रस्ट (REITs/InvITs) में निवेश करने वाले छोटे निवेशकों के लिए टैक्स नियमों को बेहद पारदर्शी और दूरदर्शी बनाएगा है.

इलेक्ट्रॉनिक्स को क्या होगा फायदा

भारत को मोबाइल, लैपटॉप और सर्वर मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाने के लिए दो बड़े कदम उठाए गए हैं. पहले विदेशी कंपनियां जो भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्रियों के लिए कस्टम बॉन्डेड वेयरहाउस में पार्ट्स/कंपोनेंट रखती थीं. उन्हें 2% प्रेज़म्प्टिव टैक्स (Safe Harbour) देना पड़ता था. ऐसे में इसमें टैक्स फाइलिंग और विवादों का डर रहता था. अब बिल में इस 2% टैक्स को पूरी तरह खत्म करके 15 साल के लिए 100% टैक्स फ्री कर दिया जाएगा. इससे भारत वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों से आगे निकलेगा.

वहीं भारतीय कंपनियों को इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बनाने के लिए मशीनरी और टूलिंग देने वाली विदेशी कंपनियों की टैक्स छूट की सीमा 5 साल से बढ़ाकर 15 साल (FY 2040-41 तक) कर दी जाएगी. इसमें मोबाइल, लैपटॉप, सर्वर, वियरेबल्स और उनके स्पेयर पार्ट्स को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है.

छोटे निवेशकों का डिविडेंड रहेगा पूरी तरह टैक्स फ्री

रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (Business Trusts) में निवेश करने वाले आम छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा की गई है. पहले अगर बिजनेस ट्रस्ट की ऑपरेटिंग कंपनी (SPV) न्यू टैक्स रिजीम चुनती थी, तो निवेशकों को मिलने वाला डिविडेंड टैक्स-फ्री नहीं रहता था. जबकि नए बिल में संशोधन कर यूनिट होल्डर्स के लिए डिविडेंड पर टैक्स छूट बहाल कर दी जाएगी. सरकार ने राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए मामूली अतिरिक्त चार्ज कंपनी (SPV) स्तर पर लगाया जाएगा, जिससे छोटे निवेशकों की जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

डेटा सेंटर और 'AI डेटा सिटीज' का निर्माण

भारत में बड़े पैमाने पर 'AI Data Cities' विकसित करने और वैश्विक क्लाउड कंपनियों को आकर्षित करने के लिए लालफीताशाही खत्म कर दी गई है. इसमें विदेशी क्लाउड कंपनियों और भारतीय डेटा सेंटरों को अब आईटी मंत्रालय से अलग-अलग 'नोटिफिकेशन' या मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी. जबकि भारतीय कंपनियां अब लीज पर ली गई जमीन या बिल्डिंग में भी वर्ल्ड-क्लास डेटा सेंटर चला सकेंगी, जिससे भारी शुरुआती पूंजी की जरूरत नहीं होगी.

डायमंड ट्रेड के लिए बनेंगे ग्लोबल हब

मुंबई और सूरत के स्पेशल नोटिफाइड जोन्स (SNZ) में केवल रफ डायमंड (कच्चे हीरे) की प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि खरीद-बिक्री को भी 15 साल के लिए टैक्स-फ्री कर दिया जाएगा. इस टैक्स छूट का दायरा विदेशी माइनिंग कंपनियों के साथ-साथ उनके ब्रोकर्स, साइटहोल्डर्स, एग्रीगेटर्स और ऑक्शन हाउसेज तक बढ़ा दिया जाएगा ताकि वैश्विक हीरा व्यापार भारत शिफ्ट हो सके.

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस

वैश्विक निवेश फंडों का प्रबंधन करने वाले कुशल भारतीय फंड मैनेजर्स को भारत लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. विदेशी फंडों पर भारत में अवांछित टैक्स लगने का डर खत्म करने के लिए शर्तों की संख्या 13 से घटाकर सिर्फ 5 फीसदी की जाएगी. दोहराव वाली कागजी कार्रवाई खत्म होने से विदेशी फंड मैनेजर GIFT City (IFSC) या भारत के किसी भी शहर से अपना कामकाज आसानी से चला सकेंगे.

यह भी पढ़ेंः भारत में 99.92% गांवों तक पहुंची बैंकिंग सेवाएं: संसद में वित्त मंत्रालय रिपोर्ट पेश कर किया ये बड़ा दावा

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
New Tax Bill, New Tax Benefits, Ease Of Doing Business, Real Estate, Business News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com