महात्मा गांधी की हत्या से जुड़े एक पुराने विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है. विनायक दामोदर सावरकर के परिजन सात्यकी सावरकर द्वारा अदालत में दिए गए एक बयान के बाद कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस ने RSS से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है.
सत्याकी सावरकर ने क्या कहा?
मुंबई की एक अदालत में मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान सात्यकी सावरकर से कई सवाल पूछे गए. राहुल गांधी की ओर से पेश वकील ने पूछा कि क्या नाथूराम गोडसे और उनके भाई गोपाल गोडसे RSS के सक्रिय कार्यकर्ता थे. इसके जवाब में सत्याकी सावरकर ने कहा कि दोनों RSS के सक्रिय कार्यकर्ता थे.
उन्होंने यह भी कहा कि नाथूराम गोडसे हिंदू महासभा से भी जुड़े हुए थे. हालांकि, उन्होंने यह जानकारी होने से इनकार किया कि गोपाल गोडसे ने 1994 में फ्रंटलाइन पत्रिका को कोई इंटरव्यू दिया था या नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि 1944 में नाथूराम गोडसे RSS में किसी विशेष पद पर कार्यरत थे या नहीं.
कांग्रेस ने RSS से मांगा जवाब
सात्यकी सावरकर के बयान के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने RSS पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद से संघ लगातार यह कहता रहा है कि गोडसे भाइयों का संगठन से कोई संबंध नहीं था.
सावंत ने सवाल किया कि यदि अदालत में यह बात स्वीकार की गई है तो RSS को जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि सच्चाई क्या है.
सरदार पटेल के पत्र का भी जिक्र
सचिन सावंत ने अपने बयान में तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के एक पुराने पत्र का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार, उस पत्र में गांधी हत्या के बाद कुछ लोगों द्वारा खुशी मनाने और मिठाइयां बांटने की बात दर्ज थी. कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे मामले पर ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए.
राहुल गांधी के खिलाफ चल रहा है मानहानि का मामला
यह पूरा मामला राहुल गांधी के खिलाफ दायर एक मानहानि शिकायत की सुनवाई के दौरान सामने आया. सत्याकी सावरकर ने 2023 में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने लंदन में दिए एक भाषण में वीडी सावरकर के बारे में तथ्यात्मक रूप से गलत टिप्पणी की थी. इसी मामले की सुनवाई के दौरान गोडसे और RSS से जुड़ा यह नया मुद्दा सामने आया, जिसने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं