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रोहित शेट्टी फायरिंग मामले में स्कूटर से रेकी, फिर गोली चलाते वक्त भी किया इस्तेमाल, जानें कैसे रच गई साजिश

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामले में क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल स्कूटर पुणे से करीब 30 हजार रुपये में खरीदा गया था. इस खरीद के लिए पैसा कथित तौर पर मास्टरमाइंड शुभम लोनकर ने दिया था.

रोहित शेट्टी फायरिंग मामले में स्कूटर से रेकी, फिर गोली चलाते वक्त भी किया इस्तेमाल, जानें कैसे रच गई साजिश
  • लॉरेंस बिश्‍नोई गैंग ने मुंबई में रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग से पहले पूरे इलाके की रेकी की थी.
  • वारदात में इस्तेमाल स्कूटर पुणे से करीब 30 हजार में खरीदा गया था और मास्टरमाइंड शुभम लोनकर ने पैसा दिया था.
  • स्कूटर को सड़क मार्ग से पुणे से लोनावला लाया गया और फिर मुंबई में शूटर को सौंपा गया था.
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मुंबई:

मुंबई में रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग मामले को लेकर क्राइम ब्रांच की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, साजिश की परतें खुलती जा रही हैं. जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, कथित तौर पर लॉरेंस बिश्‍नोई गैंग ने हमले से पहले पूरे इलाके की बारीकी से रेकी करवाई थी. जुहू में शेट्टी के घर और आसपास के रास्तों, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स और पुलिस मूवमेंट पर खास नजर रखी गई थी. 

सूत्रों के अनुसार, रेकी उसी स्कूटर से की गई थी, जिसका इस्तेमाल बाद में फायरिंग के वक्त हुआ. प्लान यह था कि वारदात के बाद शूटर बिना रुके आसानी से निकल सकें. घटना वाले दिन शूटर ने शेट्टी के घर के बाहर पांच राउंड फायर किए, फिर स्कूटर से फरार हो गया. आगे चलकर वह विले पार्ले रेलवे स्टेशन पहुंचा, वहां स्कूटर छोड़ा और लोकल ट्रेन से मुंबई से बाहर निकल गया. 

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30 हजार रुपये में खरीदा स्‍कूटर 

उन्‍होंने बताया कि वारदात में इस्तेमाल स्कूटर (MH 12 FN 2205) पुणे से करीब 30 हजार रुपये में खरीदा गया था. इस खरीद के लिए पैसा कथित तौर पर मास्टरमाइंड शुभम लोनकर ने दिया था. स्कूटर पहले आनंद आनंद मारोटे
के नाम पर रजिस्टर्ड था, जिसने घटना से करीब 12 दिन पहले इसे गिरफ्तार आरोपी आदित्‍य गायकवाड़ को बेच दिया था. 

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, समर्थ पोमाजी के कहने पर सिद्धार्थ येनपुर और स्वप्निल सकत स्कूटर को सड़क मार्ग से पुणे से लोनावला लेकर आए थे. शूटर लोनावला नहीं पहुंच पाया, इसलिए घटना से करीब 10 दिन पहले स्कूटर मुंबई लाकर उसे सौंप दिया गया. इसके बदले आरोपियों को अतिरिक्त पैसे भी दिए गए. इसके बाद शूटर ने कई दिनों तक शेट्टी के घर और पूरे इलाके की रेकी की. 

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आरोपियों को नहीं पता था किसका है घर!

सूत्रों का कहना है कि स्कूटर मुंबई तक पहुंचाने वाले आरोपियों को यह अंदाजा था कि वे किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि निशाना किसका घर है. 

पुलिस का दावा है कि समर्थ पोमाजी ने मुख्य शूटर की सक्रिय मदद की. शुभम लोनकर के निर्देश पर समर्थ ने सह-आरोपी आदित्य गायकवाड़ के साथ मिलकर स्कूटर की व्यवस्था की और पूरी साजिश जानते हुए भी इसमें अहम भूमिका निभाई. इतना ही नहीं, समर्थ लगातार शुभम लोनकर के संपर्क में था और सिग्नल ऐप के जरिए उससे बातचीत करता रहा. पुलिस के मुताबिक, इन्हीं निर्देशों के आधार पर शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की पूरी योजना तैयार की गई. 

फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच इस साजिश से जुड़ी हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है और फरार आरोपी  की तलाश तेज कर दी गई है. 
 

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