- तेलंगाना पुलिस की एंटी-ड्रग यूनिट ने रंगा रेड्डी जिले में पूर्व बीआरएस विधायक के फार्महाउस पर छापा मारा था
- छापे के दौरान टीडीपी सांसद और पूर्व विधायक सहित ग्यारह लोग ड्रग्स सेवन करते पकड़े गए थे
- छापेमारी में एक व्यक्ति ने फायरिंग की,जिसे दिल्ली के बिजनेसमैन के पास से जब्त किया गया
तेलंगाना पुलिस की एंटी-ड्रग यूनिट ने देर रात की छापेमारी ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. इस रेड में सत्तारुढ़ टीडीपी सांसद और पूर्व बीआरएस विधायक ड्रग्स लेते पकड़े गए. यह फार्महाउस पूर्व BRS विधायक पायलट रोहित रेड्डी से जुड़ा ही बताया जा रहा है. यह कार्रवाई EAGLE (Elite Action Group for Drug Law Enforcement) ने की है, टीम को रंगा रेड्डी जिले में एक ड्रग्स पार्टी होने की पक्की सूचना मिली थी.
स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर टीमों ने शनिवार रात करीब 9:30 बजे फार्महाउस पर छापा मारा था. पुलिस ने बताया कि जैसे ही EAGLE टीम फार्महाउस के अंदर दाखिल हुई, पार्टी में मौजूद एक व्यक्ति ने हवा में फायरिंग कर दी.अधिकारियों ने दिल्ली के बिजनेसमैन नमित शर्मा को हिरासत में लिया और उसके पास से एक रिवॉल्वर बरामद की थी. हथियार में एक जिंदा कारतूस भी मिला था. जांचकर्ताओं के अनुसार, यह हथियार रीतेश रेड्डी के नाम पर लाइसेंसी और रजिस्टर्ड है, लेकिन हंगामे के दौरान फायरिंग नमित शर्मा ने ही की थी.
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कुल 11, एक महिला भी मौजूद थी
इस पार्टी में कुल 11 लोग थे, जिनमें एक महिला भी शामिल थी. पुलिस ने बताया कि इनमें राजनेता, कारोबारी और रियल एस्टेट से जुड़े लोग शामिल थे. सभी का ड्रग टेस्ट कराया गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 6 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिनमें पूर्व विधायक रोहित रेड्डी और TDP सांसद महेश कुमार भी शामिल हैं. फार्महाउस में मौजूद लोगों में तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के सांसद पुट्टा महेश कुमार भी थे. पुलिस ने बताया कि छापे के दौरान उनका यूरिन टेस्ट पहले निगेटिव आया, लेकिन बाद की फोरेंसिक जांच में पता चला कि उन्होंने ड्रग का सेवन किया था. सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने फार्महाउस से करीब 2 ग्राम सफेद पाउडर जैसा पदार्थ भी जब्त किया है. इस पदार्थ की असलियत लैब टेस्ट के बाद स्पष्ट होगी.
किसी बड़े ड्रग नेटवर्क से संबंध?
आर्म्स एक्ट और NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.जिन लोगों का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आया, उन्हें हिरासत में ले लिया गया है और जल्द ही उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. बाकी मेहमानों से भी जांच के हिस्से के रूप में पूछताछ की जा रही है.जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि फायरिंग की घटना कैसे हुई और क्या इस पार्टी का किसी बड़े ड्रग नेटवर्क से संबंध था. यह घटना सामने आते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं. वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने TDP नेतृत्व और उस सांसद को निशाने पर लिया जो पार्टी में मौजूद था
YSRCP ने टीडीपी को घेरा
YSRCP पार्टी ने X पर पोस्ट कर लिखा,“TDP और उसके नेताओं पर शर्म आनी चाहिए. चंद्रबाबू नायडू और नारा लोकेश एक तरफ कहते हैं कि राज्य में ड्रग्स पर नियंत्रण है और ‘Say No to Drugs Bro' जैसी चमकदार मुहिम चलाते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही दिखती है. उनकी ही पार्टी के सांसद पुट्टा महेश यादव का मोइनाबाद फार्महाउस में ड्रग केस में पकड़ा जाना उनके प्रचार की पाखंडता को उजागर करता है.”
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पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि सांसद का परिवार TDP नेतृत्व से गहरे संबंध रखता है. YSRCP ने लिखा,“उनके पिता मौजूदा म्यदुकुर के विधायक हैं और पिछली TDP सरकार के दौरान वे TTD चेयरमैन भी रह चुके हैं. खुद सांसद नारा लोकेश के बेहद करीबी माने जाते हैं और हर दिन उनके साथ दिखाई देते हैं.” पार्टी ने TDP नेतृत्व द्वारा चलाई जा रही एंटी-ड्रग मुहिम की साख पर भी सवाल उठाए. उधर, पुलिस अब यह पता लगा रही है कि संदिग्ध ड्रग्स कहां से आए, पार्टी में मौजूद मेहमानों का बैकग्राउंड क्या है, और क्या यह फार्महाउस पार्टी शहर में चल रहे किसी बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़ी हुई थी.
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