महाराष्ट्र में राजनीति पार्टियों के भीतर चल रही उठापटक के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के सांसद अमोल कोल्हे ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है. वह शरद पवार के साथ थे, हैं और आगे भी रहेंगे. अमोल कोल्हे ने 'ऑपरेशन तुतारी' को अफवाह बताया.
बयान का निकाला गया गलत मतलब
अमोल कोल्हे ने कहा कि उन्होंने केवल पुणे-नासिक रेलवे परियोजना के बारे में जवाब दिया था. उन्होंने कहा था कि यदि इस परियोजना को पूरा करने के लिए भाजपा के साथ जाने की बात कही जा रही है... तो वह केवल उसी सवाल का जवाब था. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका पार्टी बदलने से कोई संबंध नहीं है. कोल्हे ने कहा कि सुप्रिया सुले उनकी संसदीय दल की नेता हैं और शरद पवार गुट के सभी आठ सांसद पूरी तरह एकजुट हैं. अमोल कोल्हे ने कहा कि 'ऑपरेशन तुतारी' जैसी चर्चाओं की उन्हें कोई जानकारी नहीं है. साथ ही कहा, 'शरद पवार साहब जो नीति तय करेंगे, वही हमारा रास्ता होगा. मैं कहीं नहीं जाने वाला.'
अमोल कोल्हे ने क्या कहा था?
अमोल कोल्हे के बयान से उस समय राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं, जब उन्होंने पुणे-नासिक रेलवे परियोजना पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था, 'अगर राजाभाऊ वाजे और मैं भाजपा के साथ चले जाएं, तो शायद पुणे-नासिक रेलवे परियोजना पूरी हो सकती है." इस बयान को कई लोगों ने भाजपा में शामिल होने के संकेत के तौर पर देखा, जिसके बाद उनके दल बदलने की चर्चाएं शुरू हो गईं.
'ऑपरेशन तुतारी' को बताया अफवाह
संजय राउत द्वारा उन पर जताए गए भरोसे के लिए कोल्हे ने उनका आभार भी व्यक्त किया. उन्होंने मीडिया से अपील की है कि विपक्षी सांसदों को मिलने वाले विकास निधि और संसद में बोलने के समय का भी गंभीरता से अध्ययन किया जाए. इस दौरान दिंडोरी से सांसद भास्कर भगरे भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे. उन्होंने भी 'ऑपरेशन तुतारी' की चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि सभी सांसद एकजुट हैं और शरद पवार के नेतृत्व में ही काम करते रहेंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को पर्याप्त निधि नहीं मिल रही है और सरकार के पास भी धन की कमी है.
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जब डबल इंजन की सरकार फिर क्यों नहीं...
पुणे-नासिक रेलवे परियोजना पर अमोल कोल्हे ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस को 'इन्फ्रा मैन' के रूप में जाना जाता है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब दुनिया के 14 देशों में इस तरह की परियोजनाएं सफलतापूर्वक चल रही हैं, तो महाराष्ट्र में इसे क्यों नहीं लागू किया जा सकता? उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र दोनों जगह डबल इंजन सरकार है, इसलिए इस परियोजना को जल्द मंजूरी मिलनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि पूर्व में हुए सर्वेक्षण के तय मार्ग पर ही पुणे-नाशिक रेल परियोजना बनाई जाए.
कोल्हे ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ने जिस विश्वास के साथ जनप्रतिनिधियों को चुना है, उसका सम्मान होना चाहिए. विकास कार्यों को राजनीति से ऊपर रखकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का भी सपना रही है और उसे पूरा करने के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रयास करते रहेंगे.
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