- नवी मुंबई नगर निगम के ऐरोली अस्पताल में कथित चिकित्सा लापरवाही से गर्भवती और उसके अजन्मे बच्चे की मौत हुई
- अस्पताल स्टाफ पर महिलाओं को गलत दवा देने का आरोप है, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और गंभीर हो गई
- मृत महिला के साथ एक अन्य भर्ती महिला की हालत नाजुक है, जो वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही है
महाराष्ट्र के डोंगरे परिवार में जल्द ही किलकारियां गूंजने वाली थीं. हर कोई घर आने वाले उस नन्हें मेहमान के स्वागत की तैयारियों में जुटा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस अस्पताल और डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप माना जाता है, उन्हीं की एक कथित लापरवाही ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया. लापरवाही की इस दर्दनाक कहानी में न सिर्फ एक गर्भवती मां की जान चली गई, बल्कि उस अजन्मे बच्चे ने भी दुनिया देखने से पहले ही दम तोड़ दिया.
नवी मुंबई नगर निगम के ऐरोली स्थित अस्पताल
यह दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला नवी मुंबई नगर निगम के ऐरोली स्थित अस्पताल में सामने आया है. अस्पताल स्टाफ पर कथित रूप से मेडिकल लापरवाही का आरोप लगा है, जिसके कारण प्रसव के लिए आई एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई. वहीं, मातृत्व देखभाल के लिए भर्ती की गई एक अन्य महिला की हालत बेहद नाजुक है और वह वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही है.
गलत दवा देने का आरोप, परिजनों का भारी हंगामा
मृतक महिला की पहचान सोनम डोंगरे के रूप में हुई है. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने महिलाओं को दवा की गलत खुराक दे दी. दवा मिलते ही दोनों महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी. डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी सोनम डोंगरे और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे को बचाया नहीं जा सका.
इस घटना की खबर मिलते ही पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषी डॉक्टरों व स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
अस्पताल प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष डॉ. जयाजी नाथ ने आधिकारिक बयान जारी किया है. उन्होंने इस पूरी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि चिकित्सा विफलताओं के कारणों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत और गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं. डॉ. नाथ ने पीड़ित परिवारों को आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई भी स्टाफ सदस्य या डॉक्टर लापरवाही का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इस दुखद घटना ने नवी मुंबई के नगर निगम अस्पतालों में दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, चिकित्सा प्रोटोकॉल और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
राहुल कांबले की रिपोर्ट
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