विज्ञापन

थैंक गॉड मैं बच गई... नासिक TCS की महिला कर्मचारी ने सुनाई आपबीती

Nashik TCS Case: महिला कर्मचारी ने बताया कि 20 से 25 वर्ष की लड़कियां ऑफिस में आसान टारगेट थीं. आरोपियों को लगता था कि उनको फंसाना आसान होगा. अगर कोई शिकायत होती है तो वह एचआर से की जाती है. लेकिन यहां तो एचआर विभाग भी डरा हुआ था.

थैंक गॉड मैं बच गई... नासिक TCS की महिला कर्मचारी ने सुनाई आपबीती
नासिक टीसीएस मामले में कई अहम खुलासे.
  • नासिक टीसीएस ऑफिस में महिला कर्मचारियों ने जबरन धर्मांतरण, यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं
  • कंपनी ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच कमेटी बनाई है और करीब 120 कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दिया है
  • आरोपों में इंटरनेशनल नेटवर्क और विदेशी फंडिंग की संभावनाओं की जांच की जा रही है
मुंबई:

नासिक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के ऑफिस में जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के खुलासे से पूरे देश को हिला कर रख दिया है. महिला कर्मचारियों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं एक महिला कर्मचारी ने ऑफिस से जुड़े कई बड़े खुलासे किए हैं जो चौंका देने वाले हैं. मामला सामने आते ही जांच शुरू हो गई है. अब कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑफिस में पहुंच अचानक पूछताछ की. मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी ने एक स्पेशल जांच कमेटी बनाई है, जो पूरे प्रकरण की जांच कर रही है. इसी के तहत अधिकारियों ने कर्मचारियों से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए.

120 कर्मचारियों को दिया गया वर्क फ्रॉम होम

सूत्रों के मुताबिक, कर्मचारियों के बयानों में कई शिकायतें सामने आई हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है. हालात को देखते हुए कंपनी ने नासिक दफ्तर के करीब 120 कर्मचारियों को सोमवार से वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए हैं. फिलहाल कंपनी स्तर पर आंतरिक जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

कंपनी से जुड़े धर्मांतरण और महिला शोषण के आरोपों वाले मामले में अब जांच का दायरा काफी बढ़ता नजर आ रहा है. विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, इस केस में अब राज्य गुप्तचर विभाग, एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) और अन्य राष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने भी प्राथमिक जांच शुरू कर दी है.

ये भी पढ़ें-देर तक रुकते थे आरोपी... HR मैनेजर निदा खान देती थी साथ, नासिक TCS ऑफिस में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न की पूरी कहानी

कंपनी के अधिकारी कर रहे पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस और अलग-अलग जांच एजेंसियां इस मामले में गुप्त जांच कर रही हैं. यानी एक तरफ लोकल पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बड़ी एजेंसियां भी बैकग्राउंड में पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं. जांच के दौरान अब कुछ बड़े सवाल भी सामने आ रहे हैं. जैसे,क्या इस मामले के तार इंटरनेशनल नेटवर्क से जुड़े हुए हैं? क्या आरोपियों को विदेश से फंडिंग मिल रही थी? इन पहलुओं पर भी गंभीरता से जांच की जा रही है.

जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोप

इसके अलावा यह भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या किसी बाहरी कट्टरपंथी संगठन या समूह ने आरोपियों को उकसाया या सपोर्ट किया था. एजेंसियां इस एंगल को भी खंगाल रही हैं, ताकि यह समझा जा सके कि मामला सिर्फ कंपनी तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है. आरोपियों पर जबरन धर्मांतरण कराने के गंभीर आरोप हैं. जानकारी के मुताबिक नासिक पुलिस ने इस मामले को लेकर पहले ही NIA और ATS को पत्र लिखकर जानकारी साझा की थी, जिसके बाद अब इन एजेंसियों की एंट्री हुई है.

महिला कर्मचारी ने सुनाई आपबीती

टीसीएस की एक महिला कर्मचारी ने बताया कि उसे रूफटॉप टैरिस पर अलग-थलग रखा गया. उसका फोन और निजी सामान जब्त कर लिया. महिला ने इसे ऑफिस में युवा लड़कियों को निशाना बनाने के एक नियमित तरीके का हिस्सा बताया. यह महिला कर्मचारी टीसीएस में पिछले छह साल से काम कर रही है. उसने एनडीटीवी से वीडियो कॉल पर कहा कि उसका ट्रांसफर नासिक ऑफिस में हुआ था. उसे मेन बिल्डिंग से अलग टैरिस पर अकेले काम करने के लिए मजबूर किया गया.

उन्होंने कहा कि जब भी वह वॉशरूम या किसी और काम से नीचे जाती थी तो सुरक्षा या अन्य बहाने बनाकर उनका  मोबाइल फोन, बैग और सारा निजी सामान जब्त कर लिया जाता था. कंपनी में काम करने वाले कई युवा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा था, उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा था.

20 से 25 वर्ष की लड़कियां सॉफ्ट टारगेट

महिला ने बताया कि 20 से 25 वर्ष की लड़कियां ऑफिस में आसान टारगेट थीं. आरोपियों को लगता था कि उनको फंसाना आसान होगा.  अगर कोई शिकायत होती है तो वह एचआर से की जाती है. लेकिन यहां तो एचआर विभाग भी डरा हुआ था. महिला ने कहा, "भगवान का शुक्र है कि मैं बच गई, वरना आज मेरे साथ भी यही होता."

मामला सार्वजनिक होने के बाद उनका परिवार बहुत ही सदमे में है और अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित है. उन्होंने सभी कामकाजी महिलाओं से ऑफिस में ऐसे माहौल के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की.

ये भी पढ़ें-नासिक TCS केस: धर्मांतरण की मास्टरमाइंड निदा खान की तस्वीर आई सामने, अब तक फरार है आरोपी

लेखक के बारे में
img
श्वेता गुप्ता
Chief Sub Editor
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Nashik TCS Case, Maharashtra News, Tata Consultancy Service (TCS), TCS Nashik Harassment Case, TCS Nashik Harassment Conversion Case
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com