जैन साधुओं के लिए खींची गई सफेद लाइन को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे. मामला नालासोपारा से सामने आया, जहां इस घटना को लेकर जैन और मराठी समुदाय के बीच कुछ देर के लिए तनातनी जैसी स्थिति देखने को मिली. दरअसल नालासोपारा की एक सोसायटी में जैन साधुओं के लिए सफेद लाइन खींची गई थी. जिस पर MNS कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई. उन्होंने सफेद लाइन को मिटाने के लिए सोसाइटी पर दबाव डाला.
पाटनकर टॉवर सोसायटी की घटना
नालासोपारा में सफेद रंग की लाइन को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जो हाल ही में मुंबई के विद्याविहार इलाके में हुई ऐसी ही एक घटना की याद दिलाता है. यह नया विवाद पाटनकर टॉवर सोसाइटी में तब शुरू हुआ जब वहां आने वाले जैन साधुओं के स्वागत के लिए परिसर में एक सफेद पट्टी (लाइन) बनाई गई.
MNS नेता बोले- सबकी सहमति के बिना पेटिंग नहीं की जा सकती
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ता, जिनकी अगुवाई स्थानीय नेता संजय मेहरा कर रहे थे, तुरंत मौके पर पहुंचे और इस पर कड़ा विरोध जताया. उनका तर्क था कि सभी निवासियों की पूर्व सहमति के बिना धार्मिक उद्देश्यों के लिए सोसाइटी की साझा जगहों में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता और न ही वहां पेंटिंग की जा सकती है.
कुछ देर तक रही तनातनी, पुलिस के हस्तक्षेप से सुलझा मामला
MNS कार्यकर्ताओं के आक्रामक रुख के कारण रिहायशी परिसर में कुछ समय के लिए तनाव और अशांति का माहौल बन गया. बढ़ते तनाव को देखते हुए नालासोपारा पुलिस ने हस्तक्षेप किया और संबंधित पक्षों को उस जगह को उसकी मूल स्थिति में वापस लाने का निर्देश दिया. पुलिस की देखरेख में, विवाद को रातों-रात उस विवादास्पद सफेद पट्टी को काले रंग से पूरी तरह ढककर सुलझा लिया गया.
इनपुटः मनोज सतवी
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