मुंबई में सड़कों के इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की तैयारी है. शहर के सबसे व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग पर चार नए रोड ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं. इन चार नए ओवरब्रिज से ट्रैफिक जाम कम जाएगा और ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी बेहतर हो सकेगी. दादर से घाटकोपर तक के मुख्य ट्रैफिक कॉरिडोर में फैले इन प्रोजेक्ट्स को बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) और महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MRIDC) मिलकर पूरा कर रहे हैं. इन्हें बनाने में कुल करीब 1,179 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है.
चार में से तीन पुल केबल-स्टे वाले डिज़ाइन के होंगे, जबकि दोबारा बनाया जा रहा एल्फिंस्टोन ब्रिज मुंबई का पहला डबल-डेकर रोड ओवरब्रिज होगा. ये प्रोजेक्ट अगले दो सालों में अलग-अलग चरणों में पूरे होने की उम्मीद है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से शहर के सबसे व्यस्त रेल क्रॉसिंग पर आने-जाने वालों को राहत मिलेगी.
एलफिंस्टन ब्रिज मुंबई का पहला डबल-डेकर रोड ओवरब्रिज बनेगा
112 साल पुराने एलफिंस्टन ब्रिज को तोड़ दिया गया है और इसकी जगह मुंबई का पहला डबल-डेकर रोड ओवरब्रिज बनाया जा रहा है. यह ब्रिज सेवड़ी-वर्ली कनेक्टर का भी हिस्सा होगा. निचले डेक से रेलवे ट्रैक के ऊपर लोकल ट्रैफिक गुज़रेगा, जबकि ऊपरी डेक बनने वाले रोड कनेक्टर से जुड़ेगा. दोनों डेक में चार-चार लेन होंगी और निचले स्तर पर फुटपाथ की सुविधा होगी. अभी फाउंडेशन का काम और गर्डर असेंबली चल रही है. उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट नवंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा.
दादर के तिलक ब्रिज की भी बड़े पैमाने पर मरम्मत होने वाली है. 100 साल पुराने तिलक ब्रिज की जगह 600 मीटर लंबा केबल-स्टे वाला ब्रिज बनाया जा रहा है, जिसमें छह लेन होंगी. यह मौजूदा दो-लेन वाले ब्रिज की क्षमता से तीन गुना ज़्यादा है. 2019 में हुए स्ट्रक्चरल ऑडिट में मौजूदा ब्रिज को बदलने की सलाह दी गई थी. दादर रेलवे स्टेशन के पास स्थित यह ब्रिज मुंबई के अहम ईस्ट-वेस्ट लिंक में से एक है. उम्मीद है कि इससे इस व्यस्त ट्रांसपोर्ट हब के आसपास ट्रैफिक जाम कम होगा.
दो चरणों में किया जा रहा निर्माण
इसका निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है. पहला हिस्सा लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसके अप्रैल 2027 तक खुलने की उम्मीद है. इसके बाद मौजूदा ब्रिज को तोड़ दिया जाएगा और उसके समानांतर एक और हिस्सा बनाया जाएगा.
बायकुला में सौ साल पुराने 'Y' ब्रिज की जगह 916 मीटर लंबा केबल-स्टे वाला ब्रिज बनाया जा रहा है, जिसका मकसद बायकुला-दादर कॉरिडोर पर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है. इंजीनियरिंग की एक बड़ी चुनौती सेंट्रल वेजिटेबल मार्केट के ऊपर 1,500 टन का स्टील स्पैन लगाना था, ताकि मार्केट के कामकाज या रेलवे ट्रैफिक में कोई रुकावट न आए. इस ब्रिज के दिसंबर 2026 तक खुलने की उम्मीद है. इसमें डुअल-कैरेजवे होगा ताकि दक्षिण मुंबई के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में से एक में ट्रैफिक की आवाजाही बेहतर हो सके.
घाटकोपर में छह-लेन वाले ब्रिज का निर्माण
अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड पर LBS मार्ग के ऊपर एक नया छह-लेन वाला केबल-स्टे ब्रिज बनाया जा रहा है, जो घाटकोपर ईस्ट और वेस्ट को जोड़ेगा. 350 करोड़ रुपये की लागत वाला यह ब्रिज मुंबई के उपनगरों में पहला केबल-स्टे वाला रोड ब्रिज होगा. निर्माण कार्य चरणों में किया जा रहा है ताकि ट्रैफिक की आवाजाही में कोई रुकावट न आए. इस प्रोजेक्ट को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है और उम्मीद है कि इससे LBS मार्ग पर ट्रैफिक जाम कम होगा.
मुंबई में ब्रिटिश-युग के पुराने पुलों को बदलने की तैयारी
ये प्रोजेक्ट ब्रिटिश-युग के उन पुराने पुलों को बदलने की बड़ी कोशिश का हिस्सा हैं, जो अब मुंबई के बढ़ते ट्रैफिक का बोझ उठाने में सक्षम नहीं हैं. नए पुलों में चौड़े कैरेजवे, ज्यादा भार सहने की क्षमता और बेहतर रोड अलाइनमेंट होगा. हर पुल को दो से छह लेन के ट्रैफिक के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है.
लोगों को मिलेगी जाम से राहत, कनेक्टिविटी होगी बेहतर
मुंबई के सबअर्बन रेलवे नेटवर्क से रोज लाखों यात्री सफर करते हैं और सड़कों पर ट्रैफ़िक भी लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में उम्मीद है कि ये चार नए पुल शहर के सबसे व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग पर ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगे, जाम की समस्या कम करेंगे और ट्रैफिक की आवाजाही को आसान बनाएंगे.
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