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हरा रंग, हिजाब वाली मेयर, मिनी पाकिस्तान... जानें ओवैसी की वायरल पार्षद का मुंब्रा के लिए क्या है विजन

AIMIM पार्षद सहर शेख ने कहा कि मुस्लिम होने के नाते ओवैसी के दिल की ख्वाहिश है कि कोई मुस्लिम लड़की मेयर बन जाए.लेकिन उन्होंने ये तो नहीं बोला कि कोई हिंदू लड़की न बने. वो भी मेयर बन सकती है. इसके लिए बात को सिर्फ योग्यता की है.

हरा रंग, हिजाब वाली मेयर, मिनी पाकिस्तान... जानें ओवैसी की वायरल पार्षद का मुंब्रा के लिए क्या है विजन
ओवैसी की वायरल पार्षद ने NDTV से क्या कहा.
  • AIMIM पार्षद सहर शेख ने मुंब्रा को पार्टी के हरे रंग में रंगने का बयान दिया था, जिस पर उन्होंने सफाई दी है
  • सहर शेख ने स्पष्ट किया कि उनका बयान पार्टी के झंडे के रंग से संबंधित था, न कि सांप्रदायिक राजनीति से
  • उन्होंने कहा कि उनका चुनाव अभियान विकास, शिक्षा और महिलाओं के अधिकारों पर केंद्रित था, न कि धार्मिक मतभेदों पर
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मुंबई:

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव खत्म हो चुके हैं. लेकिन ओवैसी की पार्टी की युवा पार्षद सहर शेख इन दिनों खूब वायरल हैं. मुंब्रा से aimim पार्षद सहर शेख ने बयान दिया था कि मुंब्रा को वह हरे रंग में रंग देंगी. बयान पर राजनीतिक बवाल बढ़ता देख सहर ने सफाई देते हुए कहा था कि उनकी पार्टी के झंडे का रंग हरा है, इसलिए उन्होंने हरे रंग की बात कही है. अगर भगवा होता तो वह भगवा रंग में रंगने की बात कही थी. सहर शेख ने NDTV से बातचीत में हरे रंग, हिजाब और मिनी पाकिस्तान जैसे सवालों का खुलकर जवाब दिया है. 

मुंब्रा को हरे रंग में रंगने वाला बयान क्यों दिया?

जनता को सुविधाएं देने या कामकाज के बजाय हरे रंग से रंगने वाला बयान क्यों दिया. इस सवाल के जवाब में सहर ने कहा कि कि उनका पूरा चुनाव कैंपेन सिर्फ विकास, बच्चों की शिक्षा और औरतों के हक समेत अन्य मुद्दों पर केंद्रित था. पिछले साल साल ने उन्होंने मुंब्रा के लिए जो भी काम किया है, वह हिंदू-मुस्लिम की राजनीति का नहीं है. सहर ने कहा कि अगर उन्होंने हरे रंग का बययान वोट मिलने के लिए दिया होता तो वह इसे वोट से पहले देतीं. उन्होंने ये बयान चुनाव जीतने के बाद दिया है. इसका मतलब उनके पार्टी के हरे झंडे से था. 

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सहर ने ये भी कहा कि वह अबाया और हिजाब पहनने वाली महिला हैं, इसीलिए उनके बयान को हरे रंग से अलग तरीके से जोड़ा जा रहा है. उन्होंने फिर वही बात दोहराई कि अगर पार्टी का झंडा भगवा होता तो वह मुंब्रा को भगवा रंग से रंगने की बात कहतीं. सहर ने कहा कि उनका बयान पार्टी लेवल पर दिया गया था न कि कम्युनल लेवल पर. लोगों की सोच के जरिए इसे कम्युनल बनाया गया है.

सहर शेख ने बताया हरे रंग से रंगने का मतलब

सहर ने कहा कि जो लोग राजनीति से ऊपर सोचने की क्षमता ही नहीं रखते, वे ऐसे काम करते हैं. ऐसे लोगों ने उनके बयान को गलत तरीके से लिया है. सहर ने बयान का मतलब समझाते हुए कहा कि आज उनकी पार्टी की पांच सीटें आई हैं, कल हम 15 लाना चाहते हैं, उनके बयान का मतलब यही था कि ज्यादा सीटें लाकर मुंब्रा को पार्टी के हरे रंग के झंडे से पाटना है. 

सहर ने बताया कि पहलले एनसीपी से उनका टिकट विधायक जितेंद्र अव्हाण ने खुद तीन बार मुंब्रा आकर डिक्लेयर की थी. एनसीपी से टिकट पाने की कोशिश नहीं की थी. पिछले सात सालों से वह लगातार मुंब्रा में काम कर रही थीं. वह पहले से घोषित उम्मीदवार थीं तो बिना काम किए बोलकर घूमने का कोई मतलब नहीं होता. वो इज्जत नहीं मिलती है, जो आज लोगों ने चुनाव जिताकर दी है. सहर ने कहा कि वोट उनको इसीलिए मिले क्यों कि उन्होंने काम किया है.

मुंब्रा के लिए क्या-क्या किया, सहर शेख ने बताया

सहर ने बताया कि उन्होंने आरटीई जैसी स्कीम पर काम किया है. इसी वजह से मुंब्रा में बच्चों को फ्री शिक्षा मिल पा रही है. क्यों कि उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की आरटीई स्कीम पर पिछले सात सालों से काम किया है. पहले मुंब्रा से 70 प्रतिशत सीटें लैप्स हो जाती थी. लेकिन उन्होंने अवेयरनेस कैंपेन चलाए, मेडिकल कैंप लगाए.

हिजाब पर क्या बोलीं ओवैसी की पार्षद?

सहर से जब पूछा गया कि AIMIM में शामिल होने से पहले पहले वह अलग तरीके से जनता के सामने जाती थीं लेकिन आज इसमें फर्क हैं. आज उन्होंने काला हिजाब पहना है. इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह पहले भी हिजाब पहनती थीं और आज भी पहनती हैं. जब वह किसी परिवार या किसी और फंक्शन में जाती हैं तब वह इंडियन कपड़े पहनती हैं. वह फॉर्मल्स भी पहनती हैं. उनके फैशन सेंस को जज नहीं किया जाना चाहिए.

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ओवैसी का हिजाब वाली महिला का मुंबई की मेयर बनने वाले बयान पर सहर ने जब पूछा गया कि क्या वह इस बयान को सपोर्ट करती हैं. इस पर उन्होंने कहा कि उनकी तरह ही ओवैसी के कई बयानों को गलत तरीके से लिया गया. हमारा मतलब कुछ और होता है लोग उसे समझते कुछ और हैं. 

हिजाब वाली  मेयर पर सहर की सफाई

सहर शेख ने कहा कि मुस्लिम होने के नाते ओवैसी के दिल की ख्वाहिश है कि कोई मुस्लिम लड़की मेयर बन जाए.लेकिन उन्होंने ये तो नहीं बोला कि कोई हिंदू लड़की न बने. वो भी मेयर बन सकती है. इसके लिए क्षमता जरूरी है. लोग उनके बयान को गलत तरीके से लिया गया.  सहर ने कहा कि ओवैसी किसी तबके को सपोर्ट करने के लिए कोई बयान नहीं देते हैं. 

सहर ने साफ किया कि वह हिजाब पहनें या नहीं ये उनका फैसला है. ये ओवैसी की पसंद से नहीं होगा कि वह हिजाब पहनें या नहीं. क्या पहनना है ये उनकी चॉइस है. सहर ने कहा कि अगर वह बिना हिजाब के निकलती हैं तो कौन उनसे ये सवाल करेगा कि उन्होंने दुपट्टा क्यों नहीं पहना है. ये कोई नहीं कर सकता क्यों कि ये उनके और उनके भगवान के बीच की बात है. 

मिनी पाकिस्तान की साजिश पर क्या बोलीं सहर शेख

सहर ने कहा कि अगर वह हिजाब उतार देती हैं और उनमें योग्यता है तो ओवैसी उनको मेयर बनाने के लिए सोपर्ट जरूर करेंगे. वह जिस तरह के इंसान हैं वे जरूर सपोर्ट करेंगे. सहर ने कहा कि उनका मानना है कि हिजाब को लेकर हमें किसी इंसान को नहीं बल्कि अल्लाह को जवाब देना है.  ओवैसी भी यही मानते हैं. सहर ने कहा कि संविधान को जवाब नहीं देना उसे तो साथ लेकर चलना है.  सहर ने कहा कि संविधान ने सबको हक दिया है अपने पहनावे को फॉलो करने का.

संजय निरूपम के मुंब्रा और मालेगांव के जरिए मिनी पाकिस्तान बनाए जाने की साजिश वाले बयान पर सहर ने कहा कि यह बहुत फनी है. पाकिस्तान को भारत से अलग हुए सालों हो चुके हैं लेकिन आज भी पाकिस्तान की बातें भारत में की जाती हैं. आखिर क्यों हम उनका बार-बार जिक्र करते हैं. जबकि हम अपने रिश्तों के बारे में जानते हैं. सहर ने पूछा कि किसी को मिनी पाकिस्तान बोलना क्या असंवैधानिक नहीं है. यहां पर हिंदू रहते हैं.

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