Maharashtra Motor Vehicle Tax Amendment Bill 2026: महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly Bill) में आज “महाराष्ट्र मोटर वाहन कर (संशोधन) विधेयक, 2026” (Maharashtra Motor Vehicle Tax Amendment Bill) सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. इस विधेयक को राज्य में पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक अनुशासन और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. राज्य सरकार का मानना है कि इस संशोधन के जरिए बढ़ते वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा, खासतौर पर पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर अतिरिक्त पर्यावरण कर लगाकर. परिवहन मंत्री ने सदन में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम पर्यावरण के साथ-साथ राज्य की वित्तीय स्थिति को भी मजबूत करेगा.
पर्यावरणाच्या दृष्टीकोनातून राज्यासाठी महत्त्वाचे असलेले विधानसभा विधेयक क्रमांक २३ ‘महाराष्ट्र मोटार वाहन कर सुधारणा विधेयक २०२६' सभागृहात मांडण्यात आले आहे. या विधेयकास मान्यता देण्यात यावी.
— Shivsena - शिवसेना (@Shivsenaofc) March 17, 2026
– मा.ना.श्री. प्रताप सरनाईक – परिवहन मंत्री#Shivsena #EknathShinde pic.twitter.com/OCkqBfTCRc
पर्यावरण कर में दोगुनी बढ़ोतरी
नए प्रावधानों के तहत दोपहिया वाहनों पर पर्यावरण कर ₹2,000 से बढ़ाकर ₹4,000 कर दिया गया है. वहीं पेट्रोल वाहनों के लिए यह कर ₹3,000 से बढ़ाकर ₹6,000 और डीजल वाहनों के लिए ₹3,500 से बढ़ाकर ₹7,000 कर दिया गया है. यह कर पांच वर्षों के लिए एकमुश्त लिया जाएगा, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया भी सरल होगी.
राज्य को मिलेगा अतिरिक्त राजस्व
सरकार का अनुमान है कि इस संशोधित कर ढांचे से राज्य को हर साल ₹160 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा. इस राशि का उपयोग सड़क सुरक्षा को मजबूत करने, आधुनिक परिवहन सुविधाओं के विकास, एटीएस (ऑटोमेटेड ट्रैफिक सिस्टम) के विस्तार और परिवहन क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा.
औद्योगिक क्षेत्र को राहत
जहां एक ओर सरकार ने पर्यावरण कर बढ़ाया है, वहीं औद्योगिक क्षेत्र को राहत देने के लिए क्रेन वाहनों पर मोटर वाहन कर की अधिकतम सीमा ₹30 लाख तय की गई है. इससे निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
हरित वाहनों को बढ़ावा
विधेयक के जरिए नागरिकों को बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे राज्य की पर्यावरणीय नीतियों को मजबूती मिलेगी और प्रदूषण में कमी आएगी.
रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि इस पहल से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं. परिवहन और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास को गति मिलेगी.
बिना अतिरिक्त बोझ के विकास
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस विधेयक से राज्य के समेकित कोष पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि यह राजस्व बढ़ाने में सहायक होगा. सदन के सभी दलों ने इस विधेयक का समर्थन किया, जिससे यह सर्वसम्मति से पारित हो सका. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि यह विधेयक महाराष्ट्र के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रगति दोनों को समान प्राथमिकता दी गई है.
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