मुंबई में रहने वाले OCI कार्डधारक इमरान खान ने केंद्र सरकार और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) मुंबई के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने अपने खिलाफ जारी "लीव इंडिया" नोटिस को चुनौती देते हुए इसे मनमाना और कानून के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है. याचिका के अनुसार FRRO ने इमरान खान को 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है. इसी बीच अब इमरान खान को मुंबई फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने एक और नोटिस भेजा है. दरअसल, फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने इमरान खान को शो कोज नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने इमरान खान से 15 दिन में जबाव देने को कहा है.
अदालत में दाखिल याचिका में कहा गया है कि नोटिस जारी करते समय न तो कोई कारण बताया गया और न ही ऐसा कोई दस्तावेज उपलब्ध कराया गया जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई. याचिकाकर्ता का दावा है कि उन्हें पहले कोई कारण बताओ नोटिस भी नहीं दिया गया.
प्रदर्शन के बाद बढ़ी कानूनी मुश्किलें
यह नोटिस 10 अक्टूबर 2026 को हुई एक घटना के बाद जारी किया गया. उस दिन इमरान खान को नाना चौक स्थित अगस्त क्रांति मैदान के पास पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था. इसके बाद गांवदेवी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में उनका नाम आरोपी संख्या 11 के रूप में शामिल किया गया. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
बचपन से भारत में रहने का दावा
याचिका में कहा गया है कि इमरान खान OCI दर्जा रखते हैं और अमेरिकी पासपोर्ट पर यात्रा करते हैं. उनका कहना है कि वे दो वर्ष की आयु से भारत में रह रहे हैं और लंबे समय से शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहे हैं. कानूनी पक्ष का दावा है कि प्रदर्शन वाले दिन उन्होंने किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया और न ही पुलिस के किसी निर्देश का उल्लंघन किया. याचिका में यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक पहचान होने के कारण उन्हें मनमाने ढंग से निशाना बनाया जा रहा है.
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