मीरा-भाईंदर इलाके में स्थित मेडतिया नगर गोल्डन नेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास ग्रेनाइट के स्लैब गिरने की घटना को मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण MMRDA ने गंभीरता से लिया है. कार्यस्थल पर सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक के चलते MMRDA ने संबंधित ठेकेदारों और एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया है. इस दंडात्मक कार्रवाई के तहत, मेट्रो का निर्माण कार्य कर रही मुख्य कंपनी 'जे. कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स' J. Kumar Infraprojects पर ₹10 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है.
इसके अलावा, 'गजानन' को ₹1.5 करोड़ और 'सिस्ट्रा-सीईजी Systra-CEG जनरल कंसल्टेंट' को ₹1 करोड़ का जुर्माना ठोका गया है.
MMRDA द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मेट्रो स्टेशन परिसर में मलबा हटाने और निर्माण सामग्री को एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित करने का काम चल रहा था.
इसी दौरान क्रेन की मटेरियल बास्केट फुट ओवर ब्रिज क्षेत्र में रखे गए ग्रेनाइट के स्लैब से टकरा गई. इस जोरदार धक्के की वजह से कुछ स्लैब सीधे नीचे बैरिकेड किए गए कार्यक्षेत्र में आ गिरे. हादसे के बाद वहां से गुजर रहे एक वाहन का टायर ग्रेनाइट के बिखरे हुए टुकड़ों के नीचे आ गया, जिससे टायर पंचर हो गया.
स्कूल बैन पर नहीं गिरा ग्रेनाइट का स्लैबः MMRDA
घटना के बाद फैली अफवाहों पर लगाम लगाते हुए MMRDA ने स्पष्ट किया है कि ग्रेनाइट के स्लैब किसी भी स्कूल वैन या बस पर नहीं गिरे हैं. प्राधिकरण ने साफ तौर पर कहा है कि स्लैब की सीधे तौर पर किसी भी वाहन से कोई टक्कर नहीं हुई है. इसके अलावा, जिस वाहन का टायर पंचर हुआ, उसमें कोई छात्र मौजूद नहीं था. राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी भी व्यक्ति को खरोंच तक नहीं आई है और कोई जनहानि नहीं हुई है.
सभी ठेकेदारों को सुरक्षा नियमों के सख्ती से पालन के निर्देश
सुरक्षा मानकों में हुई इस गंभीर लापरवाही का संज्ञान लेते हुए, MMRDA ने सभी संबंधित एजेंसियों, ठेकेदारों और कामगारों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से और शत-प्रतिशत पालन करने का निर्देश दिया है. साथ ही, भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए तुरंत आवश्यक सुधारात्मक उपाय लागू करने के कड़े आदेश भी जारी किए गए हैं.
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