पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है. इस घटना के बाद राज्यभर में जांच और छापेमारी अभियान तेज कर दिया गया है. मामले में अब तक 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. राज्य उत्पाद शुल्क विभाग ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई करते हुए 4,480 लीटर अवैध देसी शराब जब्त की है. इसके अलावा शराब निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले लगभग 42 हजार लीटर रासायनिक पदार्थ को नष्ट किया गया है.
इस बीच जांच में मामले के तार ठाणे जिले के भिवंडी से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं. खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने भिवंडी के एक गोदाम पर छापा मारकर 5,929 लीटर मेथेनॉल जब्त किया है. प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि पुणे में तैयार की गई जहरीली शराब में इसी मेथेनॉल का इस्तेमाल किया गया था.
घटना के बाद प्रशासन, पुलिस, उत्पाद शुल्क विभाग और FDA की संयुक्त टीमें राज्यभर में अवैध शराब के नेटवर्क की जांच कर रही हैं. वहीं मृतकों के विसेरा नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में आने की उम्मीद है. जांच एजेंसियां पूरे सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी हुई हैं.
यहां होता रहा है अवैध भंडारण
बताया जा रहा है कि भिवंडी के गोदाम क्षेत्रों में लंबे समय से रासायनिक और प्रतिबंधित पदार्थों का अवैध भंडारण किया जाता रहा है. इससे पहले करीब एक महीने पहले राहनाळ ग्राम पंचायत क्षेत्र में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने छापेमारी कर करीब 349 किलो उच्च गुणवत्ता की कोकीन जब्त की थी, जिसकी कीमत लगभग 1745 करोड़ रुपये बताई गई थी.
नारपोली पुलिस को नहीं लगी भनक
हैरानी की बात यह है कि पिछली कार्रवाई की तरह इस बार भी स्थानीय नारपोली पुलिस को FDA की कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं थी. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि भिवंडी के गोदाम क्षेत्रों में इतनी बड़ी कार्रवाई होने के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगती. फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासन अवैध नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटा है.
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