- 32 करोड़ रुपये न चुकाने पड़ें, इसलिए एक शख्स ने अपने ही पार्टनर की हत्या की खौफनाक साजिश रच डाली
- पालघर जिले के वसई की एक कंपनी के MD पर फायरिंग का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है
- एमडी पर उसके ही पार्टनर ने 40 लाख रुपये में सुपारी देकर गोली चलवाई थी
32 करोड़ रुपये न चुकाने पड़ें, इसलिए एक शख्स ने अपने ही पार्टनर की हत्या की खौफनाक साजिश रच डाली. उसने सोचा कि न पार्टनर रहेगा और न ही नुकसान की भरपाई करनी पड़ेगी. उनके न रहने पर कंपनी पर भी उसका कब्जा हो जाएगा. बस यही सोचकर उसने पार्टनर की हत्या की सुपारी 40 लाख रुपये में दे डाली. इतना ही नहीं आरोपी अपनी साजिश में बहुत हद तक कामयाब भी हो गया. उसने अपने पार्टनर पर गोली चलवा दी. उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ने से वह बच नहीं पाया.
मामला महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई स्थित जीएसएम फॉइल्स लिमिटेड कंपनी के MD मोहन सिंह परमार पर हुई गोलीबारी का है. पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि 32 करोड़ रुपये का कर्ज और कंपनी पर कब्जे को लेकर परमार पर उनके ही पार्टनर सागर भानुशाली ने गोली चलवाई थी. सागर भानुशाली कंपनी में परमार का पार्टनर है. पुलिस ने सागर भानुशाली समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है.
40 लाख में दी कंपनी के MD की सुपारी
जांच में खुलासा हुआ है कि सागर ने आर्थिक फायदे के लिए परमार की हत्या की साजिश रची और 40 लाख रुपये में उनकी सुपारी दे डाली. जांच में ये भी पता चला कि आरोपियों ने यह साजिश आर्थिक लेनदेन, शेयर बाजार में हुए नुकसान और करोड़ों रुपये के भारी कर्ज से बचने के लिए रची.

हुआ कुछ यूं कि 26 जुलाई को वसई के नाइकपाड़ा इलाके में दो बाइक सवार हमलावरों ने मोहन सिंह परमार पर गोली चला दी थी. गोली कंधे पर लगते ही वे गंभीर रूप से घायल हो गए. हमलावर दूसरी गोली भी चलाने ही वाले थे कि पिस्तौल जाम हो गई. हमलावर तुरंत मौके से फरार हो गए. फिलहाल परमार की हालत स्थिर है और उनका इलाज चल रहा है.
32 करोड़ चुकाने से बचने की खौफनाक साजिश
जांच में पता चला है कि जीएसएम फॉइल्स कंपनी के सह-अध्यक्ष सागर भानुशाली को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट से भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. वह करीब 32 करोड़ रुपये के कर्ज में डूब गया. वह इससे बाहर निकलने का रास्ता तलाश ही रहा था. उसने मोहन सिंह परमार को कंपनी में अपना हिस्सा लगभग 32 करोड़ रुपये में खरीदने के लिए मजबूर किया. फिर उसने सोचा कि परमार को अगर वह रास्ते से हटा देता है तो उसे न तो ये रकम लौटानी पड़ेगी और कंपनी पर भी पूरा कब्जा उसका ही हो जाएगा. इसी नीयत से उसने 40 लाख रुपये में उनकी सुपारी दे दी. पुलिस ने बताया कि इसके लिए उसने 5 लाख रुपये एडवांस भी दिया था.

पुलिस ने कंपनी के सह-अध्यक्ष समेत 7 को किया गिरफ्तार
पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो कड़ी से कड़ी जुड़ती गई. एक ही झटके में सागर की पूरी साजिश बेनकाब हो गई. पुलिस की विशेष टीम ने मुख्य साजिशकर्ता सागर भानुशाली को उत्तर प्रदेश से धर दबोचा. जबकि अन्य छह आरोपियों को अलग-अलग जगहों से हिरासत में ले लिया. मामले की जांच वैज्ञानिक, तकनीकी, डिजिटल और आर्थिक सबूतों के आधार पर की जा रही है. इस साजिश में अन्य लोगों के शामिल होने की जांच भी की जा रही है.
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