- टिफिन में मेथी लाने पर छात्र से ₹20 वसूलने का आरोप, स्कूल पर विवाद
- भायंदर के तपोवन स्कूल ने डायरी में लिखा गया- ‘मेथी प्रतिबंधित सब्जी है’, अभिभावकों में नाराजगी
- पर्युषण पर्व के दौरान टिफिन नियमों पर घिरा स्कूल, प्याज-आलू विवाद के बाद अब मेथी पर नया विवाद
मीरा-भायंदर के भायंदर पूर्व स्थित तपोवन विद्यालय में छात्रों के टिफिन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि पर्युषण पर्व के दौरान एक छात्र घर से मेथी की सब्जी लेकर स्कूल पहुंचा था, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने उसका टिफिन खाने से रोक दिया. इतना ही नहीं, छात्र को कैंटीन से भोजन दिया गया और उसके बदले 20 रुपये लिए गए. इस घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है. वहीं शिक्षा विभाग ने पूरे मामले पर स्कूल से जवाब तलब किया है.
मेथी की सब्जी को बताया गया प्रतिबंधित
जानकारी के अनुसार, भायंदर पूर्व के तपोवन विद्यालय में पढ़ने वाला एक छात्र घर से टिफिन में मेथी की सब्जी लेकर आया था. दावा किया जा रहा है कि इसके बाद स्कूल की ओर से छात्र की नोटबुक में रिमार्क लिखा गया कि 'मेथी प्रतिबंधित सब्जी है.' इसी टिप्पणी के बाद यह मामला चर्चा में आ गया और अभिभावकों के बीच सवाल उठने लगे कि आखिर मेथी जैसी सामान्य सब्जी को प्रतिबंधित क्यों माना गया.

स्कूल की तरफ लगाए गए फाइन का रिमार्क
टिफिन खाने से रोका, कैंटीन का खाना दिया
आरोप है कि छात्र को घर से लाया गया टिफिन खाने की अनुमति नहीं दी गई. बताया जा रहा है कि स्कूल प्रशासन ने छात्र को कैंटीन से भोजन उपलब्ध कराया और उसके बदले 20 रुपये लिए गए. अब इस बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया है कि यह राशि कैंटीन भोजन का शुल्क थी या फिर अप्रत्यक्ष रूप से लगाया गया जुर्माना.

MNS का पत्र
पहले भी लग चुके हैं ऐसे आरोप
तपोवन विद्यालय पर इससे पहले भी इसी तरह के आरोप लग चुके हैं. पर्युषण पर्व के दौरान छात्रों के टिफिन में प्याज, आलू, अदरक, चुकंदर और गाजर जैसी चीजें लाने पर 50 रुपये जुर्माना लगाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं. इन शिकायतों ने स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी थी और स्कूल की नीतियों पर सवाल खड़े हुए थे.
जैन समुदाय की परंपराओं का हवाला
जानकारी के मुताबिक विद्यालय में जैन समाज के विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण कुछ खाद्य पदार्थों को लेकर विशेष नियम लागू किए जाते हैं. दावा किया जा रहा है कि कंदमूल और कुछ अन्य खाद्य पदार्थों के सेवन पर पर्युषण पर्व के दौरान रोक रखने की परंपरा का हवाला दिया गया. हालांकि मेथी को भी इसी श्रेणी में शामिल किए जाने को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है.
MNS की शिकायत के बाद कार्रवाई
इस पूरे मामले को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायत मिलने के बाद मीरा-भायंदर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया. इसके बाद शिक्षा अधिकारी सुलभा वठारे ने 17 सितंबर को तपोवन विद्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी किया.
स्कूल से मांगा गया स्पष्टीकरण
शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रशासन से पूछा है कि छात्रों से जुर्माना वसूलने और टिफिन संबंधी नियमों को किस आधार पर लागू किया गया. विभाग यह भी जानना चाहता है कि छात्रों से लिए गए पैसे का स्वरूप क्या था और क्या यह किसी वैध नियम के तहत लिया गया था. फिलहाल स्कूल से इस पूरे मामले में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है.
स्कूल की ओर से नहीं आया जवाब
इस मामले को लेकर NDTV की ओर से भी स्कूल प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. स्कूल ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मेथी की सब्जी को प्रतिबंधित श्रेणी में क्यों रखा गया और छात्र से 20 रुपये क्यों लिए गए.
इनपुट : इरफान सय्यद, मीरा-भायंदर
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