छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सरकारी स्कूलों की बदहाली, बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है. सिंघारी हायर सेकेंडरी स्कूल का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं हर दिन जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं. हालात ऐसे हैं कि क्लासरूम की छत से प्लास्टर गिर रहा है, जिससे कई बच्चे घायल भी हो चुके हैं और बारिश के दौरान पानी टपकने से पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. स्कूल प्रबंधन की तरफ से शासन प्रशासन से कई बार नए भवन की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है.
20 साल पहले बना था स्कूल
दरअसल इस स्कूल भवन का निर्माण लगभग 20 साल पहले हुआ था. सिंघारी सहित आसपास के दर्जनों गांव के बच्चों का यह सेंटर जोन है, जहां 400 से ज्यादा बच्चे पढ़ाई करने तो आते हैं, लेकिन क्लास में डरे सहमे बैठते हैं. भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कक्षाओं की छत से लगातार प्लास्टर गिर रहा है,अब तक 3 बार छत का प्लास्टर गिर चुका है, जिससे 4 छात्रा घायल भी हो चुकी है, फिर भी प्रशासन शायद बड़े हादसे के इंतजार में है. बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण कक्षाओं में पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है. वहीं स्कूल का शौचालय भी जर्जर होने से खासकर छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

मरम्मत के लिए दिया गया था बजट
स्कूल के जर्जर स्थिति को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी एफआर वर्मा ने कहा कि पिछले साल वे खुद स्कूल गए थे बरसात का दिन था, जहां दो कमरों प्लास्टर उखड़ा हुआ था, जिसकी मरम्मत के लिए 1.20 लाख ग्राम पंचायत को जारी किए थे और प्राचार्यों को जर्जर भवन में स्कूल नहीं चलाने का निर्देश दिया गया था. अगर स्थिति अभी भी वैसी है तो पुनः संज्ञान में लेकर जर्जर भवन में क्लास लगाने से मना करूंगा.
अब बड़ा सवाल है मरम्मत के लिए जब राशि जारी हुई थी तो काम क्यों नहीं कराया गया और जर्जर भवन में आज भी क्यों क्लासेस चल रही हैं. 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा भागीरथी धुर्वे ने बताया बरसात होते ही छत से पानी रिसना शुरू हो जाता है, प्लास्टर उखड़कर कई बार सिर में गिर चुका है, वो खुद प्लास्टर गिरने से चोटिल हो गई थी. ज्यादा पानी गिरने पर उस दिन क्लास छोड़नी पड़ती है और हमेशा किसी अनहोनी का डर बना रहता है.

टॉयलेट में दरवाजे तक नहीं
स्कूल में बने शौचालय की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है, स्कूल भवन में लड़कों और लड़कियों के लिए दो अलग-अलग शौचालय हैं, लेकिन शौचालय में दरवाजे तक नहीं हैं, इसके साथ शौचालय गंदगी से अटा पड़ा है. स्कूल भवन के जर्जर स्थिति को लेकर विद्यालय के प्राचार्य माखन सिंह मरकाम ने बताया जब से वह यहां हैं, स्कूल भवन की स्थिति ठीक नहीं है. छातरा स्कूल में डरे सहमे बैठे रहते हैं, मरम्मत के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया है. बरसात में ज्यादा परेशानी होती है, खासकर जर्जर शौचालय से छात्राओं को ज्यादा परेशानी होती है.
(इनपुट - सतीश पात्रे)
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