- महाराष्ट्र सरकार ने बकरीद से पहले गोवंश की अवैध तस्करी और बूचड़खानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है.
- परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि अवैध गोवंश तस्करी और कटाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कड़ी कार्रवाई होगी.
- 25 मई से 28 मई तक पूरे राज्य में विशेष जांच और नाकाबंदी अभियान चलाकर वाहनों की गहन जांच की जाएगी.
महाराष्ट्र सरकार ने बकरीद से पहले गोवंश की अवैध तस्करी, गैरकानूनी बूचड़खानों और पशुओं पर हो रहे अमानवीय अत्याचारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है. राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि राज्य में गोमाता की तस्करी और अवैध कटाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी और अवैध परिवहन में शामिल वाहनों को सीधे जब्त किया जाएगा.
राज्य सरकार की ओर से यह कदम आगामी बकरीद के मद्देनजर उठाया गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर परिवहन विभाग ने पूरे राज्य में विशेष जांच और नाकाबंदी अभियान चलाने के आदेश दिए हैं. यह अभियान 25 मई से 28 मई 2026 तक युद्धस्तर पर चलाया जाएगा.
सीमावर्ती इलाकों और संवेदनशील मार्गों पर जांच
परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों, मुंबई सहित प्रमुख शहरों और संवेदनशील मार्गों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा. पशुओं की ढुलाई करने वाले सभी वाहनों की गहन जांच की जाएगी. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि वाहन चालक और संचालक आवश्यक परमिट, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पशु कल्याण नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं या नहीं.
सरकार ने सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों, उप-क्षेत्रीय अधिकारियों और सीमा जांच नाकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और पशुसंवर्धन विभाग को भी अभियान में शामिल किया गया है.
‘राज्यमाता' का सम्मान और हिंदू आस्था का मुद्दा
मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के प्रयासों से राज्य सरकार ने देशी गाय को ‘राज्यमाता' का दर्जा दिया है. उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के लिए गोमाता केवल पशु नहीं बल्कि श्रद्धा, संस्कृति और आस्था का प्रतीक है.
उन्होंने कहा, “त्योहारों के दौरान गोतस्करी की घटनाएं बढ़ जाती हैं. कई बार गोवंश को ठूंस-ठूंसकर वाहनों में भर दिया जाता है, उन्हें भूखा रखा जाता है और अमानवीय तरीके से परिवहन किया जाता है. यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है.”
नियम तोड़ने वालों पर होगी सीधी कार्रवाई
सरकार ने साफ किया है कि मोटर वाहन अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और केंद्र सरकार के पशु परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी. अवैध तरीके से पशु परिवहन करने वाले वाहनों को जब्त करने के साथ संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
सूत्रों के अनुसार, इस अभियान के तहत अवैध बूचड़खानों तक पशुओं की आपूर्ति रोकने के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं. कई संवेदनशील जिलों में रात के समय विशेष निगरानी रखी जाएगी.
गोसंरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि गोसंरक्षण केवल प्रशासनिक या कानूनी मुद्दा नहीं बल्कि हिंदुत्व की अस्मिता से जुड़ा विषय है. उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार मूक पशुओं पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ किसी भी दबाव में नहीं आएगी और गोमाता की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी.
उन्होंने यह भी बताया कि इस विशेष अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, ताकि आगे और कड़े कदम उठाए जा सकें.
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