- उज्जैन में बाबा महाकाल की भादौ माह की पहली सवारी में पहली बार कुर्ता-पायजामा पहनाए दो रोबोट शामिल हुए.
- रोबोटों ने जनजातीय कलाकारों के नृत्य और पुलिस बैंड के बीच डांस किया, जिससे श्रद्धालुओं का विशेष आकर्षण बना.
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रामघाट पर बाबा महाकाल की पालकी की पूजा-अर्चना कर मां शिप्रा के जल से अभिषेक किया.
उज्जैन में निकली बाबा महाकाल की पांचवीं और भादौ माह की पहली सवारी इस बार आस्था के साथ-साथ एक अनोखे आकर्षण की वजह से भी चर्चा में रही. सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं के बीच श्रद्धालुओं को आधुनिक तकनीक की झलक देखने को मिली, जब कुर्ता-पायजामा और भगवा गमछा पहने एक रोबोट सवारी में शामिल हुआ. बाबा महाकाल के जयकारों, ढोल-नगाड़ों और भजनों के बीच रोबोट का डांस लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया. रामघाट से लेकर सवारी मार्ग तक श्रद्धालुओं ने इस अनोखे नजारे का उत्साह के साथ स्वागत किया.
भव्य माहौल में निकली बाबा महाकाल की सवारी
सोमवार शाम 4 बजे बाबा महाकाल की सवारी महाकाल मंदिर से विधि-विधान के साथ रवाना हुई. सवारी शुरू होने से पहले प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने मंदिर के सभामंडप में भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन किया. इसके बाद भगवान महाकाल को चांदी की पालकी में विराजित कर नगर भ्रमण के लिए निकाला. मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने बाबा महाकाल को सलामी दी.
परंपरा और भक्ति का अद्भुत संगम
सवारी में घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड, पुलिस बैंड, भजन मंडलियां और झांझ-मंजीरा दल शामिल रहे. पूरे मार्ग पर भक्ति और उत्साह का माहौल नजर आया. प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल भी श्रद्धालुओं के बीच झांझ-मंजीरे बजाते हुए सवारी में शामिल हुए.

शहर में निकली बाबा महाकाल की भव्य सवारी.
रामघाट पर मुख्यमंत्री ने किया पूजन
सवारी जब रामघाट पहुंची तो यहां श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ी हुई थी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी बाबा महाकाल की पालकी के पूजन में शामिल हुए. विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने भगवान महाकाल की आरती की और मां शिप्रा के जल से अभिषेक कराया. इस दौरान उन्होंने बाबा महाकाल की पालकी को कंधा भी दिया और सवारी में शामिल होकर श्रद्धा व्यक्त की.
रामघाट पर सवारी पहुंचने के दौरान आसमान से भी भक्ति का रंग बरसता नजर आया. हेलीकॉप्टर के जरिए बाबा महाकाल की सवारी पर चार से पांच बार पुष्पवर्षा की गई. फूलों की बारिश और जयकारों के बीच का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए बेहद यादगार बन गया.

सवारी में सीएम मोहन यादव ने की पूजा.
‘सनातनी रोबोट' बना आकर्षण का केंद्र
इस बार सवारी में पहली बार दो रोबोट भी शामिल किए गए. इनमें से एक रोबोट विशेष रूप से चर्चा में रहा. उसे कुर्ता-पायजामा पहनाया गया था और गले में ‘जय श्री महाकाल' लिखा भगवा दुपट्टा डाला था. श्रद्धालुओं ने इसे प्यार से ‘सनातनी रोबोट' नाम दे दिया. जनजातीय कलाकारों के नृत्य और पुलिस बैंड की धुनों के बीच दोनों रोबोट ने भी डांस किया. रोबोट का प्रदर्शन देखकर लोग मोबाइल में वीडियो बनाने लगे और उसके साथ तस्वीरें भी खिंचवाने लगे.
डांस के दौरान एक रोबोट अचानक संतुलन खो बैठा और नीचे गिर गया. रोबोट को गिरता देख वहां मौजूद लोगों का ध्यान उसकी ओर चला गया. हालांकि कुछ ही देर में उसे दोबारा खड़ा कर लिया गया और कार्यक्रम सामान्य रूप से जारी रहा.

84 महादेव की झांकी और 1100 बटुक भी रहे खास
महाकाल की सवारी में इस बार 84 महादेव की आकर्षक झांकी श्रद्धालुओं का ध्यान खींचती रही. इसके अलावा करीब 1100 बटुक भी सवारी में शामिल हुए. जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए, जबकि शहर के विकास और सामाजिक विषयों पर आधारित कई झांकियां भी सवारी का हिस्सा बनीं.
पुलिस बैंड ने बांधा समां
सवारी में मध्य प्रदेश पुलिस के 300 से अधिक जवानों ने बैंड के जरिए संगीतमय प्रस्तुति दी. पुलिस बैंड की मधुर धुनों, भजन मंडलियों के भजनों और झांझ-मंजीरों की गूंज ने पूरे मार्ग को भक्तिमय बना दिया. श्रद्धालु जगह-जगह बाबा महाकाल के जयकारे लगाते नजर आए.
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