सावन के दूसरे सोमवार के मौके पर उज्जैन में तड़के से ही श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. शहर में देर रात से हो रही लगातार बारिश के बावजूद बाबा महाकाल के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा. बारिश में भीगते हुए भी शिवभक्त लंबी कतारों में डटे रहे और पूरा मंदिर परिसर 'जय महाकाल' के जयकारों से गूंज उठा.इससे पहले सावन के पहले सोमवार को 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने महाकाल के दर्शन किए थे.
तड़के 2:30 बजे खुले कपाट, उमड़ी भक्तों की भीड़
सावन के दूसरे सोमवार पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी. तड़के 2:30 बजे भस्म आरती के लिए जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया. बारिश के बीच भी महाकाल मंदिर मार्ग पर दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. सावन के पहले सोमवार पर जहां 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए थे, वहीं इस दूसरे सोमवार को भी मौसम की तमाम चुनौतियों को दरकिनार कर लाखों भक्तों ने बाबा महाकाल के आगे शीश नवाया.
सड़कों पर जलभराव, थमी वाहनों की रफ्तार
रविवार रात करीब 11:45 बजे शुरू हुई बारिश सोमवार दोपहर 12 बजे तक रुक-रुककर जारी रही. रातभर हुई तेज बारिश के चलते शहर के नीलगंगा, गदा पुलिया, केडी गेट और चामुंडा माता मंदिर के सामने समेत कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव हो गया. चौड़ीकरण का काम चल रहे प्रमुख मार्गों पर पानी भरने के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती रही, जिससे आवाजाही में काफी दिक्कतें आईं.
बारिश पर भारी पड़ी शिवभक्तों की आस्था
खराब मौसम और लगातार गिरती पानी की बौछारों के बीच श्रद्धालुओं ने अपनी कतारें नहीं छोड़ीं. भक्त भीगते हुए अपनी बारी का इंतजार करते रहे और जयकारों के साथ दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे. एक तरफ जहां बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं और आवागमन में मुश्किलें बढ़ाईं, वहीं दूसरी तरफ महाकाल के भक्तों की आस्था ने मौसम की चुनौती को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया.
जिले में अब तक 535 मिमी बारिश दर्ज
मौसम विभाग के मुताबिक, उज्जैन जिले में सोमवार सुबह तक इस मानसून सीजन में कुल 535 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है. सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे. हालांकि दिन और रात के तापमान में महज साढ़े पांच डिग्री का अंतर दर्ज किया गया. रविवार दोपहर का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस था, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा. शहरवासियों को अब भी और तेज झमाझम बारिश का इंतजार है.
रात 10 बजे शयन आरती तक चलेंगे दर्शन
तड़के भस्मारती के बाद से शुरू हुआ दर्शन का दौर अनवरत जारी है, जो रात 10 बजे शयन आरती तक चलेगा. बाबा महाकाल का आशीर्वाद पाने के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालु बारिश की परवाह किए बिना कतारबद्ध होकर शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन कर रहे हैं.
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