शिवपुरी के बदरवास में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम के दौरान मंच पर सियासी घमासान देखने को मिला. जिससे क्षेत्रीय राजनीति में चल रहा टकराव खुलकर सामने आ गया. बिजरौनी में बायपास और सड़क निर्माण के शिलान्यास समारोह में हुए घमासान के दो किरदार हैं. पहले बदरवास जनपद अध्यक्ष मीरा बाई परिहार और दूसरे कोलारस विधायक महेंद्र यादव. मीरा बाई का आरोप है कि विधायक महेंद्र ने मंच पर उनका माइक हटाया गया और उन्हें 'महाराज' यानी केंद्रीय सिंधिया के सामने अपनी बात नहीं रखने दी गई. इसके बाद मामले ने टूल पकड़ लिया.
मंच से बोलने से रोका गया
दिल्ली जाकर गुहार लगाई, फिर भी नहीं हुई सुनवाई
जनपद अध्यक्ष मीरा बाई ने आरोप लगाया कि बीते एक साल से जनपद क्षेत्र के विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से रोका जा रहा है. चार बार दिल्ली जाकर गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई, जिससे सरपंचों और जनता के प्रति उनकी जवाबदेही पर असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि स्थानीय तंत्र, अफसरशाही और बिचौलियों की मिलीभगत के कारण विकास कार्यों की ऑनलाइन एंट्री तक रोकी जा रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द फंड जारी नहीं किया गया तो यह लड़ाई बड़े स्तर पर लड़ी जाएगी.
तय प्रोटोकॉल का पालन किया
'सब एक साथ दे दूंगा तो लेने-देने को क्या रहेगा', केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले
'समय की कमी थी, बात लिखकर देने को कहा'
जनपद अध्यक्ष मीरा बाई परिहार को बात रखने से रोका नहीं गया, बल्कि उन्हें ज्ञापन या लिखित रूप में समस्या देने का सुझाव दिया गया था, जिससे मंत्री स्तर पर उस पर ठोस कार्रवाई हो सके. विधायक ने मीरा बाई को पार्टी की वरिष्ठ नेत्री बताते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया जी अभी शिवपुरी प्रवास पर हैं, वे उनके साथ व्यक्तिगत भेंट कर सकती हैं. विधायक ने कहा कि वह खुद भी उनसे चर्चा कर गिले-शिकवे दूर करेंगे.
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