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This Article is From Oct 16, 2025

चल निकाल पैसा... अस्पताल में 12 महीने से वेतन नहीं मिला, गुस्साए कर्मचारी ने अफसर पर तान दिया कट्टा

शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक अस्पताल के ड्रेसर ने अपने 12 महीने का बकाया वेतन न मिलने से नाराज़ होकर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर पर कट्टा तान दिया.

चल निकाल पैसा... अस्पताल में 12 महीने से वेतन नहीं मिला, गुस्साए कर्मचारी ने अफसर पर तान दिया कट्टा
  • शिवपुरी जिले में एक अस्पताल के ड्रेसर ने 12 महीने का वेतन न मिलने पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर पर कट्टा तान दिया
  • वायरल वीडियो में ड्रेसर मनीष नाजगढ़ कट्टे में कारतूस लोड कर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को धमकाते हुए नजर आ रहा है
  • ड्रेसर मनीष नाजगढ़ पहले भी शराब पीते हुए वायरल हो चुका है और अस्पताल में अनुशासनहीनता के कारण बदनाम है
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शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक अस्पताल के ड्रेसर ने अपने 12 महीने का बकाया वेतन न मिलने से नाराज़ होकर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) पर कट्टा (देसी पिस्तौल) तान दिया और उन्हें पैसे निकालने के लिए मजबूर किया. यह पूरी घटना वीडियो में रिकॉर्ड हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

कट्टे में कारतूस लोड कर BMO को धमकाया

यह सनसनीखेज मामला कोलारस तहसील के अंतर्गत ब्लॉक मेडिकल ऑफिस का है. अस्पताल का ड्रेसर मनीष नाजगढ़ एक बार फिर सुर्खियों में है. वायरल हो रहे वीडियो में वह पहले कट्टे में कारतूस लोड करते हुए दिख रहा है, और फिर उसे सीधे ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर पर तानकर वेतन की मांग कर रहा है.

ड्रेसर का आरोप है कि उसे पिछले 12 महीने से वेतन नहीं मिला है और इसके लिए सीधे तौर पर इलाके के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर जिम्मेदार हैं, जिसके चलते उसने यह 'हरकत' अंजाम दी.

पहले भी शराब पीते हुए हो चुका है वायरल

यह बताना जरूरी है कि आरोपी ड्रेसर मनीष नाजगढ़ पहले भी अपनी हरकतों के कारण चर्चा में रह चुका है. वह अस्पताल परिसर में ही रहने वाला है और अक्सर ड्यूटी पर शराब पीने और उत्पाद मचाने जैसे मामलों को लेकर बदनाम रहा है. वह पहले भी अस्पताल में बैठकर शराब पीते हुए एक वीडियो में कैद होने के बाद वायरल हो चुका है.

प्रशासन ने लिया एक्शन, ड्रेसर निलंबित

मामला सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी सहित पुलिस महकमे ने इसकी गंभीरता से जांच शुरू कर दी है. आरोपी ड्रेसर के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

"सितंबर तक का वेतन दिया गया"

इस मामले को लेकर शिवपुरी जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी संजय रिशेश्वर ने ड्रेसर के आरोपों का खंडन किया है. संजय रिशेश्वर का कहना है, "जो आरोप ड्रेसर ने वेतन नहीं मिलने के लगाए हैं, वैसा कोई मामला नहीं है. सितंबर 2025 तक का वेतन उसे निर्धारित समय पर जारी किया गया है. हमने उसकी इस हरकत को संज्ञान में लेकर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है."

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