बाल विवाह का दंश झेला, पति और ससुराल वालों के जुल्म सहने पड़े और दो बेटों के साथ घर छोड़ना पड़ा. जीवन यापन के लिए ब्यूटी पार्लर चलाया, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी. किताबों से दोबारा दोस्ती की और मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा में अधिकारी बनकर अपनी तकदीर खुद लिखी. यह संघर्षपूर्ण और जुझारू कहानी है सविता प्रधान की.
हाल ही में, एक कैंसर पीड़ित बच्ची का हौसला बढ़ाने के लिए अपना सिर मुंडवाने को लेकर एमपी की पीसीएस अधिकारी सविता प्रधान एक बार फिर चर्चा में हैं. आइए जानते हैं उनके संघर्ष, सफलता और इस दिल को छू लेने वाले फैसले की पूरी कहानी.
16 साल की उम्र में विवाह और प्रताड़ना का दौर
सविता प्रधान का जन्म मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के मड़ई गांव के एक आदिवासी परिवार में हुआ था. उनके पिता बीड़ी पत्ता तोड़ने, महुआ बीनने और मजदूरी करने का काम करते थे. बेहद खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद सविता के माता-पिता ने उनकी पढ़ाई कभी नहीं रोकी. वह अपने गांव से 10वीं कक्षा पास करने वाली पहली लड़की बनीं.

savita pradhan mppsc officer shaves head for cancer patient story
मात्र 16 साल की उम्र में सविता की शादी उनसे 11 साल बड़े व्यक्ति से कर दी गई. उनके दो बेटे हुए. शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे पति और ससुराल वालों ने उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. उन्हें भूखा-प्यासा रखा जाने लगा. इस रोज-रोज के अत्याचारों से तंग आकर सविता ने एक दिन अपने दोनों बेटों अथर्व और यजूस के साथ ससुराल छोड़ दिया.
ब्यूटी पार्लर से मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग तक का सफर
ससुराल छोड़ने के बाद सविता ने एक रिश्तेदार की मदद से ब्यूटी पार्लर में काम करना शुरू किया और अपने बच्चों का भरण-पोषण किया. काम के साथ-साथ उन्होंने अपनी अधूरी पढ़ाई भी पूरी की.
कैंसर पीड़ित बच्ची के लिए मुंडवाया सिर, बनवाई विग
1 अगस्त 2026 को सविता प्रधान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने नए लुक की कुछ तस्वीरें साझा कीं. NDTV से बातचीत में उन्होंने बताया कि फेसबुक के माध्यम से उनकी पहचान एक कैंसर पीड़ित बच्ची से हुई थी, जो बीमारी की आखिरी स्टेज से लड़ रही है. बातचीत के दौरान बच्ची ने उनसे कहा था, "मैम, मुझे आपके सिर के बाल बहुत पसंद हैं."

savita pradhan mppsc officer shaves head for cancer patient story
सविता बताती हैं, "मेरी मां खुद कई बार कैंसर से जंग जीत चुकी हैं. कैंसर के इलाज के दौरान मरीजों के बाल पूरी तरह झड़ जाते हैं. उस मासूम बच्ची के साथ भी ऐसा ही हुआ था. वह मेरे दिल के बहुत करीब है, इसलिए मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और सिर मुंडवाकर अपने बालों से उस बच्ची के लिए विग बनवाई."
सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए सविता प्रधान ने लिखा: "आपकी सुंदरता आपके लंबे बालों या गहनों से नहीं, बल्कि आपके आत्मविश्वास से झलकती है." उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह बिना किसी झिझक या स्कार्फ के, इसी आत्मविश्वास से भरे 'बोल्ड लुक' में अपने दफ्तर जाएंगी और अपना कार्यभार संभालेंगी.
ये भी पढ़ें: सविता प्रधान ने क्यों मुंडवा लिया सिर? PCS अफसर के नए लुक के पीछे की असली कहानी दिल छू लेगी
ये भी पढ़ें: सविता प्रधान की संघर्ष भरी कहानी: 16 साल में शादी, ससुराल में प्रताड़ना, फिर बनी PCS अफसर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं